लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा कांड मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को जिला जज शिवकुमार सिंह की अदालत में तत्कालीन थानाध्यक्ष विमल गौतम ने अपने बयान वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये दर्ज कराए। जिनसे बचाव पक्ष के लोगों ने जिरह पूरी कर ली। इसके बाद अगले गवाह के रूप में तत्कालीन डीएम अरविंद चौरसिया और पुलिस इंस्पेक्टर अनिल सिंह के बयान दर्ज कराने के लिए अदालत ने 13 मई की तारीख मुकर्रर की है। तिकुनिया हिंसा मामले में सोमवार को आशीष मिश्रा मोनू सहित कई आरोपी अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए।
इधर अभियोजन पक्ष ने तलब किए गए गवाहों में से इंस्पेक्टर विमल गौतम के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दर्ज कराए। इसकी मुख्य परीक्षा पूरी होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से सवाल-जवाब शुरू हुए। इंस्पेक्टर विमल गौतम अपने बयान पर डटे रहे तो बचाव पक्ष ने अपनी ओर से सुझाव देकर गवाह की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। सभी आरोपियों की ओर से पेश होने वाले वकीलों ने विमल गौतम से एक-एक कर सभी मसलों पर लंबी जिरह की। संवाद
आज भी जारी रहेगी क्राॅस केस की सुनवाई : सोमवार को तिकुनिया हिंसा क्राॅस केस मामले में जिला जज शिवकुमार सिंह की अदालत में पूर्व विवेचक सुधीर चंद्र पांडे पेश हुए। उनसे सवाल जवाब शुरू हुए तो एक से दूसरी बातों को पकड़ते हुए बचाव पक्ष ने इंस्पेक्टर सुधीर चंद्र पांडे की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रदर्शनकारी सरदारों की भूमिका पर सवाल उठाए गए। अदालत ने मंगलवार को भी केस की सुनवाई जारी रखने का निर्णय लिया। संवाद