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Lakhimpur Kheri News: तार नए, ट्रांसफाॅर्मर पुराने... भीषण गर्मी में कटाैती का झटका दे सकती है बिजली

Mon, 09 Mar 2026 11:02 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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घोसियाना मार्ग पर सड़क किनारे रखा ट्रांसफार्मर। संवाद
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लखीमपुर खीरी। शहर में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रीवैंप योजना के तहत नई लाइनें तो बिछा दी गई हैं, लेकिन ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता अब तक नहीं बढ़ाई जा सकी है। ऐसे में भीषण गर्मी के दौरान बिजली का लोड बढ़ने पर ट्रांसफॉर्मर फुंकने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इससे उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है।
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बिजली निगम ने शहर के कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने की योजना तैयार की थी। बिजनेस प्लान के तहत शाहपुरा कोठी चौराहा, तेजनारायण त्रिवेदी, कंपनी बाग, बहादुर नगर बगिया, वंदन गार्डेन, राजापुर डॉन बॉस्को स्कूल के पास, राजापुर मंडी, रामेश्वरपुरम, आवास विकास, हिदायत नगर कुमार गेट, हिदायत नगर चंदेल वाटिका और सुआगाड़ा प्राइमरी स्कूल समेत करीब 55 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। हालांकि, अभी तक स्वीकृति और बजट न मिलने से काम शुरू नहीं हो सका है।
उधर, होली के बाद से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी है और पंखे-कूलर चलने से बिजली की मांग भी बढ़ने लगी है। फिलहाल, जिले में करीब 53.37 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है, जबकि भीषण गर्मी में इसके 90 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। पिछले वर्ष अधिकतम खपत 85.94 मेगावाट दर्ज की गई थी। ऐसे में ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता नहीं बढ़ी तो बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
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हालांकि, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि न्यू छाउछ में नया उपकेंद्र बनने से शहर का कुछ लोड कम हुआ है, जिससे पहले की तुलना में फॉल्ट कम होंगे। अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर फॉल्ट तार टूटने से होते थे, जो नई लाइनें बिछने के बाद कम हो जाएंगे।
अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने सहित कई कार्यों का बिजनेस प्लान शासन को भेजा गया है। स्वीकृति और बजट मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।


पिछले साल 60 दिनों में फुंके थे 955 ट्रांसफॉर्मर
जिले में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर 25, 63, 100, 250 और 400 केवीए क्षमता के 52 हजार से अधिक ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। इनमें कई ट्रांसफॉर्मर पुराने हो चुके हैं। पिछले साल भीषण गर्मी के दौरान 60 दिनों में 955 ट्रांसफॉर्मर फुंक गए थे। इनमें अप्रैल में 303 और मई में सबसे ज्यादा 652 ट्रांसफॉर्मर खराब हुए थे। औसतन रोजाना करीब 16 ट्रांसफॉर्मर फुंकने की घटनाएं सामने आई थीं। शहर में मोबाइल ट्रॉली से अस्थायी व्यवस्था कर दी जाती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई दिनों तक बिजली के बिना रहना पड़ता है।


जिले में दो वर्कशॉप, स्टोर में 917 ट्रांसफॉर्मर
ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत के लिए जिले में दो वर्कशॉप संचालित हैं। लखीमपुर में गढ़ी उपकेंद्र के पास स्थित वर्कशॉप में 100 केवीए से कम क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर ठीक किए जाते हैं, जबकि बांकेगंज की वर्कशॉप में 100 केवीए से अधिक क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत होती है। लखीमपुर के स्टोर में फिलहाल 917 ट्रांसफॉर्मर रखे हैं, जिनमें 25 केवीए के 873, 63 केवीए के पांच, 100 केवीए के 12, 200 केवीए के 12 और 400 केवीए के 15 ट्रांसफॉर्मर शामिल हैं। हालांकि ये ट्रांसफॉर्मर मुख्य रूप से नए कार्यों के लिए रखे गए हैं। खराब होने पर ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप से बदलकर लगाए जाते हैं।
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