लखीमपुर खीरी। खरीफ सीजन में किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंचाने के बीच पीसीएफ की खाद परिवहन व्यवस्था चर्चा में है। नए परिवहन टेंडर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। तकनीकी बिड भी नहीं खुली है। इस बीच खाद का उठान जारी है, जिसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जिले की 132 सहकारी और 11 गन्ना समितियों समेत कुल 145 समितियों तक खाद पहुंचाने की जिम्मेदारी पीसीएफ की है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि नए ट्रांसपोर्टर का चयन अभी नहीं हुआ है। इसके बावजूद खाद का उठान कराया जा रहा है। सूत्रों का यह भी दावा है कि पुराने टेंडर का अनुबंध समाप्त हो चुका है और उसका विस्तार नहीं किया गया।
जिले में खाद का पर्याप्त भंडारण है, लेकिन परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने से समितियों तक समय पर आपूर्ति नहीं पहुंच पा रही है। इससे किसानों को समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई किसानों को खाद लिए बिना लौटना पड़ रहा है।
जिम्मेदार बोले
पीसीएफ के जिला प्रबंधक प्रवीण कुमार राना ने बताया कि नए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। तकनीकी बिड एक-दो दिन में खुलने वाली है। फिलहाल खाद का उठान पुराने टेंडर पर कराया जा रहा है। एआर कोऑपरेटिव प्रवीण कुमार ने बताया कि पीसीएफ की निगरानी उनके स्तर से होती है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।