बच्चों को कैसे पढ़ाएं, इसका तरीका धौरहरा बीआरसी पर चार दिन चले शिक्षण कौशल प्रशिक्षण में बताया गया। 11 जनवरी से शुरू हुए इस प्रशिक्षण में उन शिक्षकों को बैच वार शामिल किया गया था जिनकी नियुक्ति हाल ही में प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के लिए की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र मौर्या ने खुद इन कक्षाओं मे बैठ कर मानीटरिंग की।
शासन के निर्देश पर सभी ब्लाक संसाधन केंद्रों में क्रमवार चार-चार दिन का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। उद्देश्य था नए नियुक्त शिक्षकों में कक्षा एक और दो में पढ़ने वाले बच्चों को समझ कर उनमें पढ़ाई की ललक पैदा करने का हुनर भरना। प्रशिक्षण के दौरान एबीआरसी और अनुभवी शिक्षकों देवेंद्र कुमार दुबे, रामगोपाल मौर्य, राजेश तिवारी, नरेंद्र कुमार वर्मा, अतुल कुमार आदि ने अपने अनुभव नए शिक्षकों के साथ साझा करते हुए उन्हें प्रशिक्षित किया। गुरुवार को समापन के दिन रामगोपाल मौर्य और राजेश तिवारी ने प्रशिक्षण के दौरान व्यापक मूल्यांकन के अंतर्गत सतत एवं व्यापक मूल्यांकन की समझ विकसित करना, संकेतक बनाना, संकेतक के माध्यम से विषयवार लक्ष्य निर्धारित करना, बच्चों की प्रोफाइल बनाना, बच्चे के संज्ञानात्मक विवरण अंकित करना, व्यक्तिगत विवरण और विषयवार अधिगम की उपलब्धि का विवरण अंकित करना और बच्चों के रचनात्मक कार्यो का अभिलेखीकरण करना जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।