दुधवा के जंगल में स्वछंद विचरण के लिए छोड़ा गया नर गैंडा रघू। स्त्रोत-वन विभाग।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में बृहस्पतिवार को नई पहल की गई। गैंडा पुनर्वासन योजना में बृहस्पतिवार को एक नर गैंडे रघु को स्वच्छंद विचरण के लिए जंगल में छोड़ दिया गया।
दुधवा टाइगर रिजर्व में वर्ष 1984 में शुरू की गई गैंडा पुनर्वासन योजना के 40 साल गुजरने के बाद बृहस्पतिवार को फेज वन से नर गैंडा (रघू ) जंगल में स्वछंद विचरण के लिए छोड़ दिया गया। आजादी देने से पहले उसकी सेहत की जांच की गई। बेहोश करके गले में रेडियो कॉलर लगाया गया। यह काम पशु चिकित्सकों, गैंडा विशेषज्ञों, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और दुधवा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों की देखरेख में हुआ।
रेडियो कॉलर के जरिये रघु की लगातार निगरानी की जाएगी। अभी तीन और मादा गैंडों को छोड़ा जाना है। इन्हें पहले से ही चिह्नित किया जा चुका है। उन्हें भी बेहोश करने के बाद उनके गले में रेडियो कॉलर लगाया जाएगा।
आसपास बसे ग्रामीणों को भी किया गया जागरूक
यह एक अभिनव प्रयोग है। इसमें जोखिम भी है, लेकिन वनाधिकारियों और गैंडा विशेषज्ञों ने योजनाबद्ध तरीकों से गैंडों को आजाद करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया गया था। जंगल के आसपास बसे ग्रामीणों से भी इस संबंध में बात की गई थी। उन्हें जागरूक किया गया है।
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सौर ऊर्जा चालित बाड़ से निकालकर कुछ गैंडों को आजादी देने की प्रक्रिया के तहत बृहस्पतिवार को पहला नर गैंडा रघु छोड़ा गया है। रेडियो कॉलर के जरिये उसकी निगरानी की जा रही है। जल्दी ही तीन मादा गैंडे भी जंगल में छोड़े जाएंगे।
- ललित कुमार वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व .