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स्नातक कक्षाओं में प्रवेश को संयुक्त परीक्षा: विद्यार्थी खुश

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new education policy 2020
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लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लागू होने से अगले साल से स्नातक में होने वाली परीक्षा की प्रक्रिया बदल जाएगी। अब तक सभी विश्वविद्यालय स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए अपने स्तर पर प्रवेश परीक्षा कराते थे। अब देशभर के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए एक संयुक्त प्रवेश परीक्षा होगी। इसे छात्र/छात्राएं बेहद खुश हैं और सभी ने इस निर्णय का स्वागत किया है। वही प्रोफेसरों का भी मानना है कि शासन का यह निर्णय छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगा।
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सत्र 2021 से संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराने की शासन स्तर पर तैयारियां भी प्रारंभ हो गई हैं। सामान्य डिग्री के लिए परीक्षा एक होगी, जबकि विज्ञान, मानविकी, भाषा, कला एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए कामन एप्टिट्यूड टेस्ट होगा। हालांकि अब तक यह साफ नहीं है कि परीक्षा साल में एक बार होगी या फिर दो बार। इसके लिए शासन स्तर पर मंथन जारी है। परीक्षा में पारदर्शिता रहे, इसलिए परीक्षा की जिम्मेदारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की होगी। जानकारों के अनुसार यूजीसी, एआईसीटीई एवं एनसीटीई के बजाय उच्च शिक्षा के लिए देश भर में एक नियम की तैयारी चल रही है।
शिक्षा की बढ़ेगी गुणवत्ता
समान एवं एकीकृत प्रवेश परीक्षा से प्रवेश प्रणाली का सरलीकरण होगा और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। ऐसे में उच्च शिक्षा में उन्ही छात्रों को प्रवेश मिलेगा जो इसकी योग्यता रखते हैं। ऑनलाइन परीक्षा होने से डिजिटल इंडिया बनाने में एक कदम और बढ़ेगा।
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-डॉ जेएन सिंह अंग्रेजी प्रवक्ता, युवराजदत्त महाविद्यालय
विश्वविद्यालयों की मनमानी पर लगेगा अंकुश
नयी शिक्षा नीति में किया गया बदलाव परिवर्तन का संकेत दे रहा है। विश्वविद्यालयों की मनमानियों पर अंकुश लगेगा। प्रत्येक क्षेत्र के छात्र को एक ही तरह के मानक मापदंडों पर खुद को जांचना होगा। फिर भी अभी इस परीक्षा पर व्यापक योजना बनाई जानी बाकी है। जब तक पूरा ढांचा तैयार नहीं होता। हम उसके लाभ और हानि का मात्र अनुमान ही लगा सकते हैं।
-शिवा अवस्थी, शिक्षिका आर्य कन्या डिग्री कॉलेज
एक प्रवेश परीक्षा का निर्णय अच्छा
स्नातक कक्षा के लिए एक प्रवेश परीक्षा कराने का निर्णय बहुत ही अच्छा है। यह छात्रों के लिए बेहद सुविधा जनक रहेगा। पढ़ने वालों को प्रवेश का मौका मिलेगा।
- सिल्वी रस्तोगी छात्रा, बीएससी तृतीय वर्ष
छात्रों को होगी आसानी
नई शिक्षा नीति, शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावी कदम साबित होगा। इसे छात्रों को प्रवेश में काफी आसानी रहेगी।
-अभिषेक कुमार बीए द्वितीय वर्ष
परिषदीय स्कूलों के लिए नई शिक्षा नीति....
बच्चों को तर्क चिंतन पर करना होगा फोकस
महेवागंज/फरधान। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर संकुल स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गईं। विकास खंड ने कहा के यूपीएस पतरासी में बीईओ अमित वर्मा के निर्देश में एआरपी ओमप्रकाश, उत्कर्ष, मोहम्मद जाकिर, कौशलेंद्र आदि ने बेहजम ब्लॉक के बीईओ विनोद गौतम की अध्यक्षता में एआरपी विक्रम आदि ने कहा कि बच्चों के बुनियादी ढांचे को विकसित करना है। रटंत पद्धति को छोड़कर तर्क चिंतन पर फोकस करना होगा। नई शिक्षा नीति में बच्चों को कक्षा छह से पाठ्यक्रम में व्यवसायिक ज्ञान दिया जाएगा।
मितौली। बीइओ मितौली सुनील कुमार ने उच्च प्राथमिक विद्यालय अबगंवा में न्याय पंचायत अबगंवा कनाखेड़ा व सनदिलवा के स्कूलों के प्रधानाध्यापकों व इंचार्जों के साथ बैठक की। नई शिक्षा नीति के फार्मूले को समझाते हुए उसे लागू करने के निर्देश दिए।
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