कंचनपुर लालझाड़ी गांव में जंगली हाथी को भगाते ग्रामीण। संवाद
धनगढ़ी। भारतीय सीमा से सटे कंचनपुर जिले के लालझाड़ी गांव में शनिवार देर रात हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। दुधवा नेशनल पार्क से निकलकर आए हाथी ने एक घर को निशाना बनाते हुए मां-बेटी को बुरी तरह घायल कर दिया। इस घटना में 6 वर्षीय मासूम बालिका की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसकी मां अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।
कंचनपुर जिले के डीएसपी व प्रवक्ता हेम बहादुर शाही ने बताया कि पुनर्वास नगर पालिका अंतर्गत लालझाड़ी गांव में शनिवार रात करीब 2 बजे एक जंगली हाथी ने अचानक धावा बोल दिया। हाथी ने गांव के ही पार्वती साउंद के घर पर हमला किया। इसमें पार्वती और उनकी 6 वर्षीय बेटी रोजिना साउंद गंभीर रूप से चोटिल हो गईं। अचानक हुए इस हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों के शोर मचाने और एकजुट होने के बाद हाथी वापस जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों की मदद से घायल मां-बेटी को तत्काल नजदीकी झालरी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद रविवार सुबह उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें धनगढ़ी के नवजीवन अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान मासूम रोजिना ने दम तोड़ दिया, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारतीय सीमा से लगे दुधवा नेशनल पार्क से हाथियों का आना अब एक बड़ी समस्या बन चुका है। आए दिन जंगली हाथी बस्तियों में घुसकर फसलों को तबाह कर रहे हैं और अब जनहानि की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। इस घटना के बाद से सीमावर्ती गांवों के लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष और हाथियों के हमले को लेकर गहरा भय बना हुआ है।