धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोसी नदी की भीषण बाढ़ में लापता सुदूर पश्चिम प्रदेश के 140 लोगों में से दस सकुशल मिल गए हैं। अभी 130 लोग लापता हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
सुदूर पश्चिम प्रदेश पुलिस कार्यालय के पुलिस अधीक्षक पदम बहादुर बिष्ट ने बताया कि बाढ़ के बाद प्रदेश के करीब 140 लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी। सकुशल मिले दस लोगों में कंचनपुर जिले के सुनील चौधरी, चंदा जोशी और डडेलधुरा के सुनील बुढ़ामगर समेत अन्य शामिल हैं। इनमें सात लोग जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत थे। चंदा जोशी नर्सिंग विद्यार्थी हैं। दो लोग अन्य कार्यालयों में काम करते थे। पुलिस ने लापता लोगों की पहचान कर ली है।
लापता 130 लोगों में कैलाली के 20, कंचनपुर के 29 और डडेलधुरा के 15 लोग शामिल हैं। बाजुरा के 14, बेतड़ी के चार, डोटी के दो और अछाम के एक व्यक्ति का भी संपर्क नहीं हो पाया है। लापता अधिकतर लोग जलविद्युत आयोजना कार्यालयों में कार्यरत थे।
बाढ़ प्रभावितों की राहत और पुनर्स्थापना के लिए सुदूर पश्चिम प्रदेश में सहयोग जुटना शुरू हो गया है। प्रदेश सरकार ने दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री खगराज भट्ट और सभी मंत्रियों ने एक माह का वेतन देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह बैठक कर यह निर्णय लिया। उन्होंने अपनी और सभी मंत्रियों की एक-एक माह की तनख्वाह बाढ़ पीड़ितों की राहत और पुनर्स्थापना के लिए देने को कहा।
धनगढ़ी के निजी निसर्ग अस्पताल ने 11 लाख 11 हजार रुपये, माया मेट्रो अस्पताल ने तीन लाख 11 हजार रुपये, नवजीवन अस्पताल ने दो लाख 22 हजार रुपये और चैतन्य स्कूल ने एक लाख 11 हजार रुपये की सहायता दी है। कैलाली अस्पताल ने भी एक लाख 11 हजार रुपये प्रधानमंत्री कोष में जमा किए हैं।
रसुवा की भोटेकोसी नदी में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर लोग प्रभावित हुए हैं। राहत और पुनर्वास के लिए कैलाली, कंचनपुर समेत पूरे सुदूरपश्चिम प्रदेश से मदद मिल रही है। यह सहायता प्रधानमंत्री कोष में जमा की जा रही है।