मोहम्मदी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में काफी समय से फिजीशियन व नेत्र चिकित्सक नहीं हैं। ऐसे में सामान्य रोग के इलाज के लिए भी मरीजों को शाहजहांपुर या 65 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल, ओयल जाना पड़ रहा है।
मरीजों के लिए निशुल्क इलाज के भले ही लाख दावे किए जाते रहे हों, लेकिन मोहम्मदी सीएचसी का हाल बेहद खराब है। क्षेत्र की करीब तीन लाख 30 हजार की जनसंख्या स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर इसी सीएचसी पर निर्भर है। सीएचसी में प्रतिदिन नए-पुराने करीब 450 मरीज इलाज के लिए रोज यहां आते हैं, लेकिन यहां नेत्र चिकित्सक व फिजीशियन के न होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
यहां बाल रोग विशेषज्ञ की तो तैनाती हैं, लेकिन वह इस वक्त छुट्टी पर चल रहे हैं। इससे मरीज बैरंग लौट रहे हैं।
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इतनी बड़ी आबादी वाली सीएचसी में नेत्र रोग चिकित्सक और फिजीशियन की तैनाती न होना बड़ी बात है। मजबूरन हमें प्राइवेट अस्पतालों में जाकर इलाज कराना पड़ता है।
रामाधार यादव, मोहम्मदी
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जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से सीएचसी में चिकित्सक तो छोड़िए, नेत्र सहायक भी नहीं है। बिना चिकित्सक के अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है।
रेखा सिंह, पड़सर
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क्षेत्र में सीएचसी एकमात्र ही स्वास्थ्य सुविधाओं का साधन है। यहां पर समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। पसगवां और मोहम्मदी में विशेषज्ञ नहीं है।
सचिन गुप्ता, बाजार गंज
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यहां पर विशेषज्ञ डॉक्टर के न होने से प्राइवेट अस्पताल, जिला अस्पताल या शाहजहांपुर जाना पड़ता है। यहां डाॅक्टर की तैनाती हो जाए तो मरीजों का काफी राहत मिलेगी।
दिनेश वर्मा, बबौरी
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नेत्र चिकित्सक और फिजीशियन के लिए जिला मुख्यालय पर लिखा-पढ़ी पहले ही की जा चुकी है। जिले में चिकित्सक आएंगे, तभी नई तैनाती हो सकेगी।
डॉ. मयंक मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक