फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां के जयकारों, घंटा घड़ियालों से गूंजे देवी मंदिर 

Sun, 18 Mar 2018 07:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी। 
विज्ञापन
navratra - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की हुई पूजा 
विज्ञापन

- संकटा देवी मंदिर में दिन भर लगा रहा श्रद्धालुओं का तांता 


नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर अपने घरों पर विधिविधान से मंगल कलश की स्थापना कर नवरात्र का शुभारंभ किया। शहर के देवी मंदिर मां के जयकारों और घंटा घड़ियाल की ध्वनि से गूंजते रहे। मंदिरों में दिन भर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। नवरात्र शुरू होने से पूरे जिले का वातावारण भक्ति से सराबोर दिखा। 
शहर के प्राचीन संकटा देवी मंदिर में सुबह में कलश और देवी प्रतिमा की स्थापना की गई। सुबह से यहां दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। पूरे दिन दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। महिलाओं ने मां को चूनर के साथ शृंगार सामग्री और पुष्प, नारियल, फल और मिष्ठान अर्पित किए। लोगों ने मां के जयकारे लगाते हुए मां का गुणगान किया। 
विज्ञापन

शहर के प्राचीन शीतला देवी मंदिर में भी दिन भर धार्मिक आयोजन जारी रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्राचीन और दिव्य देवी प्रतिमा के दर्शन कर मनौतियां मांगी। मां वंकटादेवी मंदिर और भुइयां माता मंदिर में भजन कीर्तन और मां के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा का पाठ किया। 
ओयल। मां काली मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं का आना जाना शुरू हो गया। मंदिर के पुजारी राम शंकर अवस्थी ने पूजन कराया। नगर क्षेत्र के अन्य देवी मंदिर एवं देवालयों में भी दर्शनार्थियों का आना जाना बना रहा। 
बांकेगंज। कस्बा स्थित बांकेश्वर महादेव मंदिर में वासंतिक नवरात्र पूजन का श्रद्धा और उत्साह के साथ शुभारंभ हुआ। इस मौके पर भक्तों ने मां दुर्गा मूर्ति क चुनरी ओढ़ाकर विधि विधान से पूजन करते हुए मां दुर्गा के जयकारे लगाए। 
गोला गोकर्णनाथ। नगर के मां मंगला देवी मंदिर, रक्षा देवी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, काली मंदिर, मां दिुर्गा मंदिर सहित क्षेत्र के देवी मंदिरों परिसर में महिला भक्तों ने ढोलक, मजीरा लेकर देवी छंद और भजन गाए, जिससे देर रात तक मइया के दरबार में मां की भेटें, भजन, छंद गूंजते रहे। घरों में भक्तों ने देवी स्थापना कर उपवास रखा और पुष्प, लौंग, धूप, दीप, नैवेद्य से पूजन कर सुख समृद्घि की कामना की। बिझौली स्थित मंदिर और जमुनाबाद फार्म स्थित दुर्गा मंदिर पर को भी रंग-बिरंगी झालर से सजाकर व्रतधारियों ने मां शैलपुत्री की पूजा की। 

पलिया के मंदिरों में भी रहीं देवी पूजन की धूम 
पलियाकलां। पांडेय बाबा मंदिर, कालरात्रि मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। सुबह होते ही भक्तों ने पहले घरों पर पूजा अर्चना की। इसके बाद मंदिरों पर जाकर प्रसाद आदि चढ़ाया। पांडेय बाबा मंदिर में खासकर भक्तों की भीड़ का तांता लगा रहा। पांडेय बाबा मंदिर में नाग देवता के दर्शन कर भक्तों ने पुण्य कमाया। इसके अतिरिक्त बाजार में फल आदि खरीदने के लिए भीड़ रही। 

नवरात्र के पहले दिन भंडारे में उमड़ी भीड़ 
संपूर्णानगर। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के भक्तों ने उनके नाम की पूजा अर्चना की। साथ ही भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर विवेक कुमार सिंह, उमेश सैनी, कुलवंत सिंह, अंकित कश्यप, कंचन गप्ता, गुड्डू मदेशिया, गौरव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं मां शैलपुत्री
मोहम्मदी। कस्बे के अस्तल मंदिर, छोटी देवी मंदिर, देवीस्थान स्थित देवी मंदिर में सुबह से मां शैलपुत्री की आराधना का सिलसिला शुरु हुआ जो देर रात तक जारी रहा। अस्तल मंदिर में महिलाओं ने देवी गीत गाकर पूजा अर्चना की। पुजारी उर्मिलेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है। पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। पूर्व जन्म में ये प्रजापति दक्ष की कन्या थी, तब इनका नाम सती था। प्रजापति दक्ष के यज्ञ में सती ने अपने शरीर को भस्म करके अगले जनम में शैल राज हिमालय की पुत्री के रुप में जन्म लिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें