अग्निकांड में जलकर नष्ट हो गया घरों का सारा सामान
पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव दिलावरनगर में रविवार की सुबह आग लग गई। इस भीषण अग्निकांड में करीब 90 घर जलकर राख हो गए। आग की चपेट में आकर तीन साल की बच्ची और दो पशु झुलस गए। झुलसी बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंचे आसपास के लोगों की मदद से ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। तहसील प्रशासन ने गांव पहुंचकर हुए नुकसान का जायजा लिया। आग लगने का कारण ज्ञात नहीं हो सका है।
गांव दिलावरपुर में करीब सभी परिवार गरीब मजदूर पेशा व्यक्ति हैं। रविवार की सुबह सभी लोग घरों से खाना-पीना खाकर खेतों में काम करने चले गए। घरों पर बच्चे और कुछेक महिलाएं थीं। सुबह करीब पौने दस बजे अचानक गांव में आग लग गई। इससे गांव में चीख पुकार मच गई। शोरशराबा होने और आग की लपटों को देखकर मजदूर भी अपने घरों की ओर दौड़ पड़े। जब तक लोग मौके पर पहुंचते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवाओं के कारण आग की लपटों ने एक के बाद एक घर को अपने चपेट में लेकर 90 आशियानों का वजूद मिटा दिया। हवाओं के कारण लोग अपनी आंखों के सामने घरों को जलता देख असहाय दिखे। चारों तरफ चीख पुकार मची रही। भीषण अग्निकांड में ओमप्रकाश की तीन वर्षीय पुत्री अमरीता, भगत की एक गाय और प्रभावती की एक बकरी झुलस गई। सूचना पर नगर पंचायत के दो टैंकरों के साथ पुलिस और नायब तहसीलदार ओमप्रकाश मिश्र मौके पर पहुंच गए। पुलिस और राजस्वकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटों के आगे सभी लोग बेबस रहे। इस अग्निकांड में जितेंद्र, ऊषा देवी, नारायण, मातेश्वरी देवी, सहीद अहमद, मंजू देवी, रामेंद्र, रामनरायण, बाबूलाल, भक्कू राना समेत 90 ग्रामीणों के घरों में रखी नकदी, घरेलू सामान, राशन, कपड़े आदि सामान जलकर नष्ट हो गया। इसके अलावा राजकुमार की किराना दुकान भी जलकर राख हो गई।
दो घंटे बाद मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड
गांव दिलावरनगर में लगी आग की सूचना ग्रामीणों ने घटना के तुरंत बाद दे दी थी, लेकिन फायर बिग्रेड की एक छोटी गाड़ी करीब दो घंटे बाद तब पहुंची, जब ग्रामीणों ने पुलिस और राजस्व टीम की मदद से नगर पंचायत जल निगम के टैंकरों की मदद से आग पर काबू पा लिया। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि फायर बिग्रेड अगर अग्निकांड को गंभीरता से लेती और समय से पहुंच जाती तो शायद इतना भारी नुकसान नहीं उठाना पड़ता।
स्वास्थ्य टीमों ने किया उपचार
भीषण आग की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम फार्मासिस्ट विनीत गुप्ता, बागीश, राजेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचे। टीम ने झुलसी बच्ची का उपचार किया। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ओम प्रकाश मिश्रा, कानूनगो अच्छन खां ने अग्निकांड में हुए नुकसान का आंकलन कराया। नायब तहसीलदार ने बताया कि राजस्व टीम को लगाकर क्षति का आंकलन कराया जा रहा है। आंकलन के बाद पीड़ितों को दैवीय आपदा कोष से आर्थिक मदद दी जाएगी।
चारों तरफ मची रही चीख पुकार
बरवर। गांव दिलावरपुर में आग लगने के बाद अफरातफरी मच गई। चीख पुकार और घबराहट के बीच घरों की महिलाएं और बच्चे अपने घरों में रखा सामान निकालने लगे। कुछ लोग छप्परों को पानी से भिगाते रहे, लेकिन कड़ी मेहनत के बाद भी वह अपना घर नहीं बचा सके। पल भर में 90 परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया तत्काल कोई सहायता राशि न मिलने से गरीबों के सामने रोजी-रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है।
अग्निपीड़ित परिवार पीलीभीत जिले के कटान और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हैं, जिनका सब कुछ नदियों में समा गया था। इसलिए यह लोग अपने पैतृक गांवों को छोड़कर काफी वर्षों से बरवर क्षेत्र के दिलावरनगर गांव में रह रहे हैं। इन परिवारों का जीविकोपार्जन सिर्फ दैनिक मजदूरी है। खेतों में मजदूरी कर यह लोग परिवार का पालन पोषण करते हैं। खेतों में काम कर रहे मजदूर धुआं उठता देख घरों की ओर भागे, जब तक वहां पहुंचे तो सब कुछ जलकर राख हो चुका था। अग्निपीड़ित 50 परिवारों को हाल ही में एसडीएम मोहम्मदी ने आवासीय पट्टों के प्रमाण पत्र दिए हैं। यदि इन परिवारों को आवास देने का कार्य जल्द कर दिया जाए तो शायद उन्हें राहत मिल सकेगी। बरवर नगर पंचायत की चेयरमैन नसरीन बानो ने फौरी तौर पर वहां पहुंचकर परिवारों को ढांढस बंधाया और उनके खाने पीने का इंतजाम किया।