पलिया में श्री गुरू तेग बहादुर की शोभायात्रा के दौरान सड़क साफ करते सेवादार। संवाद
पलियाकलां। गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत के 350वें शहीदी दिवस पर शुक्रवार को शहीदी नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। महंगापुर गुरुद्वारा होकर पलिया पहुंचे नगर कीर्तन का हर्षोल्लास से स्वागत किया गया। रास्ते में जगह-जगह खाद्य सामग्री का वितरण किया गया।
असम से शुरुआत करके 23 राज्यों से होते हुए यह नगर कीर्तन बृहस्पतिवार देर शाम महंगापुर स्थित नानक प्याऊं गुरुद्वारा पहुंचा। इसके बाद शुक्रवार की सुबह पलिया के लिए रवाना हुआ। नगर कीर्तन में सेवादार झाड़ू लगाकर सफाई करते हुए आगे-आगे चल रहे थे। उनके पीछे पंच प्यारों की गाड़ी व श्रीसाहिब की शाही सवारी थी। इनके पीछे महिला-पुरुषों का जत्था वाहे गुरु का खालसा, वाहे गुरु की फतेह का जयघोष करते हुए शामिल था।
मुस्लिम समुदाय के युवकों ने भाईचारे की मिसाल पेश की। उन्होंने मेला मैदान के सामने स्टॉल लगाकर फल, कोल्डड्रिंक आदि का जनपान कराया।
ऑल इंडिया सिख फेडरेशन पलिया के अलावा गोल्डन फ्लॉवर स्कूल के बच्चों ने भी कीर्तन की सेवा की। गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा का योगदान रहा। नगर कीर्तन पलिया से भीरा, खुटार होता हुआ पूरनपुर के लिए रवाना हुआ है। 70 दिनों की यात्रा के बाद नगर कीर्तन आनंदपुर साहिब पहुंचकर संपन्न होगा।
पलिया में श्री गुरू तेग बहादुर की शोभायात्रा के दौरान सड़क साफ करते सेवादार। संवाद
पलिया में श्री गुरू तेग बहादुर की शोभायात्रा के दौरान सड़क साफ करते सेवादार। संवाद