लखीमपुर। नाग पंचमी जिलेभर में श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाई गई। शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक, नागों का पूजन और काल सर्प योग शांति पूजन आदि धार्मिक कार्यक्रम हुए। नागों को दूध पिलाया गया। घरों में नाग देवता की पूजा की गई। शाम को बच्चों ने गुड़िया पीटकर नाग पंचमी मनाई। देवकली तीर्थ पर सामूहिक कालसर्प योग के लिए शांति पूजन हुआ।
शहर के प्राचीन भुइफोरवानाथ शिव मंदिर में सुबह से ही सपेरे आ गए। श्रद्धालुओं ने मंदिर में भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश जी की पूजा के बाद नाग देवता की भी पूजा की। सपेरों को दान दिया। शहर में टून्नू सिंह चौराहा, इमली चौराहा, कांशीराम कालोनी और दुखहरणनाथ मंदिर के पास बच्चों ने गुड़िया पीटी। शहर के करीब लिलौटीनाथ शिव मंदिर, ओयल स्थित भगवान शिव मंदिर, नई बस्ती स्थित शिवमंदिर और नौरंगाबाद के छायाकुंआ स्थित शिव मंदिर में भक्तिमयी कार्यक्रम हुए।
भोलेनाथ का किया रुद्राभिषेक
धौरहरा। क्षेत्र के कफारा स्थित प्राचीन श्री लीलानाथ सरोवर परिसर, देव शिल्पी विश्वकर्मा जी मंदिर में सामूहिक पार्थिव रूद्राभिषेक एवं कालसर्प योग शांति पूजा का आयोजन किया गया। इस पूजा में 108 जोड़े शामिल हुए। ज्योतिषाचार्य पंडित हरीश अवस्थी ने सामूहिक पार्थिव रुद्राभिषेक कराया। धौरहरा के नागेश्वर नाथ मंदिर, नारायणेश्वर नाथ मंदिर, जंगली नाथ मंदिर, सिद्धेश्वर नाथ मंदिर ईसानगर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
तिवारी मार्केट में लगा गुड़ियों का मेला
गोला गोकर्णनाथ। लोगों ने नाग देवता के दर्शन कर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मोहम्मदी मार्ग स्थित तिवारी मार्केट में वर्षों से चली आ रही लोकरीति आज भी मनाई जाती है। मोहम्मदी मार्ग स्थित तिवारी मार्केट में गुड़ियों का मेला लगा। बालिकाओं, युवतियों ने कपड़े के कतरन से बनी गुड़िया डाली और बच्चों ने मूंज से बने कोड़े से गुड़ियों को पीटा। मेले में झूले, खिलौने, गुड्डे गुड़ियों की दुकान लगी जहां बच्चों ने मेले का लुत्फ उठाया। संवाद
देवकली में विशेष पूजन, श्रद्धालुओं ने सर्प कुंड में किया स्नान
फरधान। बाबा देवेश्वर नाथ मंदिर में 121 शिवभक्तों ने रुद्राभिषेक, काल सर्प दोष मुक्त के लिए विशेष हवन-पूजन किया। श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर के साथ साथ नागदेवता की पूजा की। लोगों ने मंदिरों के अलावा घरों में दूध भरा कटोरा रखकर नाग देवता का आह्वान किया। नाग उपासना के लिए प्रसिद्ध देवकली तीर्थ में सपेरों का मेला लगा। लोगों ने देवकली पहुंचकर नागों के दर्शन किए।
देवेश्वर नाथ शिव मंदिर में भगवान शंकर की पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने सर्प कुंड में स्नान कर किया। वहां की मिट्टी अपने घरों में ले गए। नेपाली बाबा के आश्रम में काल सर्प योग के निदान का अनुष्ठान किया गया। दूर-दूर से आए लोगों ने सर्प दोष निवारण के लिए हवन पूजा किया। पूजा पाठ आदि के कार्यक्रम आचार्य प्रमोद, प्राचार्य सुधीर मिश्र, आचार्य सत्यम मिश्रा, आचार्य अखिलेश शास्त्री, कथा व्यास आचार्य रवि मिश्रा, रवि दीक्षित, मोहित दीक्षित एवं सभी बटुक ने कराया। संवाद