पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता ने एसडीएम को पत्र देकर पालिका कर्मियों पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि 25 जनवरी को पालिका सभागार में बुलाई गई कर्मचारियों की बैठक में उनके साथ अभद्रता कर अनुशासनहीनता की गई। बिना किसी लिखित सूचना के अनियमित हड़ताल कर कार्यालय भवन में जबरन तालाबंदी कर दी गई, जबकि कई कर्मचारी कार्य करने को तैयार थे।
इस हड़ताल द्वारा बिना किसी नोटिस के कार्यों में व्यवधान डालने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ नियमित कर्मचारियों के अतिरिक्त कुछ संविदा और ठेका कर्मचारियों को भी इस हड़ताल में जबरन दबाव डालकर सम्मिलित कर लिया है, जो कि पूर्णतया अवैधानिक है। इस प्रकार नगर की सफाई व्यवस्था और अन्य कार्य व्यवस्थाएं पूर्णतया ध्वस्त कर दी गई हैं, जिससे नगर की जनता में रोष है। आरोप लगाया कि जुलूस निकालकर उनके आवास के पास उनके विरुद्ध आपत्तिजनक शब्दों का भी प्रयोग किया गया। स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ की ओर से उनके ऊपर झूठे और अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। कुछ ही दिन पूर्व उन्हें संगठन के महामंत्री और अन्य कर्मचारियों द्वारा जान से मार देने की धमकी दी गई थी। इस संबंध में उन्होंने डीएम, एसपी, सीओ, प्रभारी निरीक्षक को तत्काल अवगत कराया था। इसी कारण उन्होंने वहां जाना उचित नहीं समझा। इसके अलावा उन्होंने अलग पत्र में कहा है कि सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। ठेका कर्मियों को हड़ताल में शामिल नहीं होना चाहिए था, लेकिन नियम विरुद्ध उनको शामिल किए जाने का आरोप लगाया गया है। एसडीएम से हड़ताल को अवैधानिक बताते हुए खत्म कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि वह मंगलवार से खुद लोगों के साथ सफाई करने उतरेंगे।
पालिका कर्मियों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी
पालिकाध्यक्ष के खिलाफ कर्मियों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। इस दौरान धरने को संबोधित करते कर्मी नेताओं ने पालिकाध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए। आरोप था कि अधिकारियों के सामने यहां न आकर पालिकाध्यक्ष ने अपनी मानसिकता का परिचय दे दिया है और अब वह इसमें राजनीति कर रहे हैं और पत्र देकर अपने को साफ दामन बता रहे हैं।