यह है नियम
उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 177 (ख) के तहत ऐसे भवन व भूमि जहां सार्वजनिक रूप से उपासना की जा रही हो, उस पर कर नहीं लगाया जा सकता।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि मंदिर को नीलाम करने की बात गलत तरीके से फैलाई जा रही है। कर विभाग की ओर से केवल मंदिर की संपत्ति पर चलने वाली दुकानों को नोटिस जारी किया गया था। मंदिर से इसका कोई मतलब नहीं है। वहीं, विदेश मंत्रालय की जगह पासपोर्ट ऑफिस पर रकम बकाया है।
त्रिवटीनाथ मंदिर के मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने बताया कि मंदिर में बाहर बनी दुकानों से आने वाले किराये को मंदिर के हित में लगाया जाता है। नगर निगम ने अगर इन दुकानों पर कर लगाया है तो वह गलत है।
धर्मस्थलों पर कर लगाने का प्रावधान नहीं : महापौर
महापौर उमेश गौतम ने बताया कि नगर निगम की व्यवस्था में किसी भी धर्मस्थल पर कर लगाने का प्रावधान नहीं है। कर विभाग ने भूलवश धर्मस्थलों पर बकाया दिखाकर नोटिस जारी कर दिया था। नगर निगम की ओर से इसका स्पष्टीकरण भी जारी कर दिया गया है।