जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा और सपा मैदान में
दोनों पार्टियां कर रही हैं अपने-अपने पक्ष में बहुमत होने का दावा
लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन जुलाई को प्रस्तावित मतदान से पहले मंगलवार को निर्दलीय उम्मीदवार सुशीला भार्गव ने अपना नाम वापस ले लिया। अब भाजपा उम्मीदवार ओम प्रकाश भार्गव और सपा की अंजलि भार्गव के बीच मुकाबला है। अंजलि रिश्ते में सुशीला भार्गव की बहू लगती हैं।
डीएम कोर्ट में मंगलवार को पूर्वान्ह करीब 11.45 बजे सुशीला भार्गव अपने समर्थकों के साथ पहुंचीं। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी/ डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया को नामांकन पत्र वापस लेने का नोटिस दिया। इसके बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से ओमप्रकाश भार्गव और सपा की ओर से अंजलि भार्गव में सीधी टक्कर तय है। विदित हो कि सुशीला और अंजलि पूर्व विधायक सुनील लाला के घराने की हैं। सुशीला भार्गव सुनील लाला के छोटे भाई की पत्नी हैं और अंजलि उनकी बहू। इस लिहाज से सुशीला और अंजलि में सास-बहू का रिश्ता है।
कुल 72 सदस्यों वाली जिला पंचायत में बहुमत के लिए 37 सदस्यों का समर्थन होना जरूरी है। भाजपा समर्थित 7 उम्मीदवार जिला पंचायत सदस्य बने हैं। पांच भाजपा से बगावत कर जीते हैं। सपा के 14 और बसपा के नौ जिला पंचायत सदस्य है। अन्य निर्दलीय है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा कई सदस्यों को अपने खेमे में कर लिया है। वहीं सपा भी अपनी जीत का दावा कर रही है।
सपा को चुनाव में गड़बड़ी का आशंका है। निष्पक्ष ढंग से चुनाव कराने की मांग करने के लिए सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात भी की है, जिसमें एमएलसी शशांक यादव व आनंद भदौरिया भी शामिल रहे। सपा के प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।
ये हैं आंकड़े
जिला पंचायत में कुल सदस्य 72
भाजपा से जीते - 07
सपा से जीते - 14
बसपा से जीते - 09
अपना दल से - 01
निर्दलीय- 41
तीन सदस्यों की कमी दूर करने के लिए खोला खजाना
एक दल के उम्मीदवार के पास बहुमत के आंकड़े में तीन सदस्यों की कमी बताई जा रही, जिसे पूरा करने के जोर आजमाइश चल रही है। सूत्रों का कहना है कि नामांकन से पहले तक 10 से 20 लाख रुपये खर्च कर सदस्यों को अपने पक्ष में किया था। नामांकन के बाद तीन सदस्यों की कमी को पूरा करने के लिए प्रत्येक सदस्य पर 40-40 लाख रुपये खर्च करने पड़े। सूत्र बताते हैं कि जब तीन सदस्य पाले में आए तो उनके संपर्क में अन्य तीन सदस्य भी गुलाबी नोटों के चलते उसी खेमे में खिंचे चले आए।
चार घंटे में निपटेगा मतदान, जीत का प्रमाण पत्र भी लाना होगा साथ
लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन जुलाई को होने वाला मतदान कलक्ट्रेट परिसर स्थित डीएम कोर्ट में पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह तीन बजे तक होगा। इसके तुरंत बाद मतगणना की जाएगी। मतदान के लिए जिला पंचायत सदस्यों को जीत का प्रमाण पत्र अपने साथ ही लाना होगा। जिन सदस्यों का प्रमाण पत्र खो गया है या नष्ट हो गया है वे निर्धारित शुल्क देकर जिला निर्वाचन कार्यालय से द्वितीय प्रति प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा सदस्य को अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड या कोई फोटो युक्त पहचान पत्र लाना होगा।
डीएम ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा गुप्त मतदान होगा। मतदाता स्वयं ही वोट डालेगा। कोई मत प्रतिनिधिक मतदान (प्रॉक्सी) द्वारा स्वीकार नहीं किए जाएंगे। मतदाता को मतपत्र पर अधिमान अंतर्राष्ट्रीय अंकों (अंग्रेजी अंकों) जैसे 1, 2, 3 में अंकित करना अनिवार्य है। अन्य किसी प्रकार के अधिमान अंकित करने पर मत अवैध माना जाएगा। किसी सदस्य के निरक्षर, दृष्टि बाधित या अन्य अशक्तता होने पर सहायक ले जाने की अनुमति प्राप्त करने के लिए मतदान प्रारंभ होने से 48 घंटे पहले निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा। मतदान के लिए जिला पंचायत सदस्यों को कलक्ट्रेट परिसर में पूरब गेट निकट कार्यालय उपभोक्ता फोरम से प्रवेश दिया जाएगा।