लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल पहुंचना सबके लिए संभव नहीं है। मरीजों की सुविधा के लिए पीएचसी, सीएचसी हैं, लेकिन अधिकांश पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों) पर लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। ऐसे में मरीजों की खून जांच नहीं हो पाती। मरीजों को निजी लैब में जांच करानी पड़ रही है। लखीमपुर शहर में चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें मात्र निर्मलनगर में एलटी (लैब टेक्नीशियन) हैं। शेष तीन जगह लंबे से समय से एलटी का पद खाली है। नौरंगाबाद, गोटैयाबाग में एलटी के अभाव में मात्र 40 से 50 मरीज ही आते हैं। जांच की सुविधा शुरू हो जाए तो संख्या दोगुनी हो सकती है।
नौरंगाबाद, गोटैयाबाग और निर्मलनगर में डॉक्टर भी नहीं हैं। यहां का कामकाज फार्मासिस्ट ही देखते हैं। डॉक्टर व लैब टेक्नीशियन के अभाव में रविवार को पीएचसी पर होने वाले जन आरोग्य मेले में मरीजों की संख्या काफी कम रही। जिन पीएचसी पर डॉक्टर और खून जांच की सुविधा थी, वहां मरीजों की संख्या अधिक रही।
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ट्रेनिंग पर टेक्नीशियन, जांच प्रभावित
गोला गोकर्णनाथ। पीएचसी पर डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन की तैनाती है। फार्मासिस्ट अखिलेश ने बताया कि डायबिटीज, टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, हीमोग्लोबिन की जांच की सुविधा है। टेक्नीशियन प्रमोद ट्रेनिंग पर गए हैं। साढ़े 12 बजे तक 30 मरीज देखे गए। संवाद
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निजी लैब से खून की जांच कराने को मजबूर
सिकंदराबाद/मोहम्मदी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदराबाद और मोहम्मदी के राजापुर बैनी पीएचसी पर लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। आने वाले मरीजों को खून की जांच के लिए लिखा जाता है। ऐसे में मरीज निजी लैब जाने के लिए मजबूर होते हैं। संवाद
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जांच के लिए गोला सीएचसी भेजे जाते हैं मरीज
अमीरनगर/उचौलिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंभी और उचौलिया में लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। फार्मासिस्ट राजेंद्र चौधरी ने बताया ब्लड की जांच के लिए मरीजों को सीएचसी गोला भेजा जाता है। वहीं उचौलिया पर जांच की सुविधा न होने पर रविवार को मात्र 16 मरीज ही आए। संवाद
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लैब सहायक से चलाया जा रहा काम
फरधान। फरधान क्षेत्र में एक सीएचसी और पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सेमरई, देवकली, कालाआम, लगुचा और खीरी टाउन पीएचसी पर लैब सहायक से जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। फरधान सीएचसी पर टेक्नीशियन हैं। रविवार को 110 मरीज दवा लेने पहुंचे। संवाद
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डॉक्टर हैं, टेक्नीशियन नहीं
मझगई/बेहजम। मझगई पीएचसी पर डॉक्टर तो तैनात हैं, लेकिन काफी समय से लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। खून की जांच की सुविधा न होने पर रविवार को एक बजे तक मात्र 14 मरीज ही पहुंचे। बेहजम सकेथू पीएचसी पर टेक्नीशियन हैं, जांच भी होती है। रविवार को बेहजम में 100 से अधिक मरीज मरीज देखे गए। संवाद
मरीजों की संख्या घटी
महेवागंज। सीएचसी फूलबेहड़, नकहा ब्लॉक की पीएचसी पतरासी में सामान्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या कम रही। सबसे ज्यादा मरीज बुखार के आए। दोनों जगह खून की जांच की सुविधा है। फूलबेहड़ में रविवार को 29 मरीजों की खून की गई। पीएचसी पतरासी में डॉ. आशीष ने 48 मरीजों को देखा।
मरीज देखने के बजाय डॉक्टर रंग-पुट्टी लेने गए बाजार
सम्पूर्णानगर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को जन आरोग्य मेला की जगह पुताई का कार्य चल रहा था। डॉक्टर मरीजों को देखने के बजाय पुट्टी व रंग लेने बाजार गए थे। पीएचसी में रंगाई-पुताई की वजह से काफी कम मरीज ही पहुंचे। सुबह करीब 11.45 बजे तक मात्र दो ही मरीज दवा लेने पहुंचे। पीएचसी पर लैब टेक्नीशियन हैं ।
जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन नहीं हैं, वहां पर चयन किया जाना है। आचार संहिता हटने के बाद चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
-डॉ. अमितेश द्विवेदी, एसीएमओ
बेहजम पीएचसी पर आयोजित जन आरोग्य मेला- संवाद