जिला अस्पताल में रविवार को मेडिकल महिला और पुरुष वार्ड मरीजों से फुल हो गया। अब आने वाले मरीजों को बेड न मिल पाने के कारण जमीन पर गद्दे डालकर भर्ती किया गया। वहीं कुछ तीमारदारों को अपने भर्ती मरीज के लिए स्वयं चारपाई का इंतजाम करना पड़ा। रविवार को महिला वार्ड में 21 बेड थे पर मरीज 36 हो गए, जबकि पुरुष वार्ड में 25 बेड के सापेक्ष 30 मरीज भर्ती किए गए, जिससे इन लोगों का इलाज जमीन पर लिटाकर किया गया।
जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों पर अव्यवस्थाएं भारी पड़ रही हैं, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को इलाज कराने के लिए कई दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। जिला अस्पताल के वार्डों में बेडों की संख्या काफी कम है, जबकि मरीजों के आने सिलसिला जारी है। बेड खाली न होने के कारण मरीजों को जमीन पर ही गद्दा डालकर भर्ती होना पड़ रहा है, जिससे मेडिकल पुरुष वार्ड में अधिकांश मरीज जमीन पर भर्ती किए जा चुके हैं। वहीं कुछ ऐसा ही हाल महिला वार्ड का भी है। महिला वार्ड में बेडों की संख्या 21 है, जबकि रविवार तक इसमें 36 महिलाएं भर्ती की जा चुकीं थी। बेड न मिल पाने के कारण तीमारदारों को स्वयं ही चारपाई की व्यवस्था करके अपने मरीज भर्ती कराने पड़ रहे हैं।
रविवार को मेडिकल वार्ड में राउंड करते डॉक्टर
छुट्टी के दिन मेडिकल पुरुष और महिला वार्ड में स्टाफ नर्स एवं वार्ड ब्वाय के सहारे रहने को मजबूर हुआ करते थे, लेकिन रविवार को मेडिकल पुरुष वार्ड में भर्ती 30 मरीजों का फिजीशियन डॉ.आरएस मधौरिया ने परीक्षण किया और उनका हाल जाना। मरीजों का कहना था कि छुट्टी के दिन के दिन डॉक्टरों का मिलना मुश्किल हो जाता था, लेकिन रविवार को डॉक्टर साहब ने सभी मरीजों का परीक्षण किया। 00
मेडिकल वार्ड बेड भर्ती मरीज
महिला 21 36
पुरुष 25 30
अस्पताल में बेडों की संख्या काफी कम है, जबकि जिला बड़ा है। मरीजों की अधिकता होने पर ऐसी स्थित हो जाती है।
- डॉ.मनोज कुमार सीएमएस