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Lakhimpur Kheri News: निघासन-मझगईं के 25 से अधिक गांवों में पांच दिन से बिजली गुल

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उचौलिया क्षेत्र में जर्जर एबीसी केबल। स्रोत उपभोक्ता।
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लखीमपुर/निघासन। मझगईं और निघासन क्षेत्र के 25 से अधिक गांवों में पिछले पांच दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है। फसलों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। उपभोक्ता उपकेंद्र से लेकर डिवीजन तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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21 मई को आई आंधी ने निघासन इलाके में भारी तबाही मचाई थी। सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए थे। पूरे इलाके में करीब 150 से ज्यादा बिजली के खंभे गिर गए थे, जिससे ढखेरवा खालसा के घनश्यामपुरवा, चकपुरवा, टॉपर पुरवा, धर्मपुरवा, पसियनपुरवा, त्रिकौलिया, धवईपुरवा, बेलहापुरवा आदि गांवों में तब से बिजली नहीं आ रही है। इससे क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
पीने के पानी के लिए लोग इधर-उधर भटक रहे हैं। मोबाइल फोन चार्ज न होने से लोगों का संपर्क भी किसी से नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही से मरम्मत का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। कई गांवों में अब तक न तो कर्मचारी पहुंचे हैं और न ही बिजली के खंभे खड़े किए गए हैं।
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कस्बों व शहरों में जाकर मोबाइल फोन कर रहे चार्ज
मझगई। क्षेत्र के करीब 12 गांवों में पिछले पांच दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। मोबाइल चार्ज करने के लिए क्षेत्र के लोगों को कस्बों व शहरों में जाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान भूमिशरण, अजय कुमार, बलराम, जगजीत सिंह, चूड़ सिंह, जगदीश यादव, मुमताज खान, आफताब खान, मीनू खान आदि लोगों ने बताया कि विष्णुपुर पंछी फार्म, बबौरा, खालेपुरवा, नयापुरवा, छब्बापुरवा एक दर्जन अधिक गांव में आपूर्ति ठप है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। संवाद

मात्र छह घंटे ही मिल रही बिजली
धौरहरा। धौरहरा कस्बे सहित परौरी फीडर, कफारा, टेकीकुंड़ा, अमेठी आदि गांवों में भी बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है। इन क्षेत्रों में मात्र छह घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। इससे गर्मी से लोग परेशान हैं। साथ ही फसलों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। संवाद

लचौरा गांव के 50 घरों में अंधेरा
बेहजम। आंधी आने के बाद भूलपुर फीडर के गुलचौरा गांव में पांच दिन बाद भी बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। गांव के करीब 50 घरों में अंधेरा छाया हुआ है। मोटर नहीं चलने से लोग पानी के संकट से भी जूझ रहे हैं। खास बात यह है कि बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारी कुछ सुनने के लिए तैयार नहीं है। उपभोक्ता सौरभ पांडेय और अंकुर तिलक पांडे ने बताया कि लाइनमैन ने आधे गांव की सप्लाई नहीं जोड़ी, जिस कारण बिजली नहीं आई है। जेई, एसडीओ और अधिशाषी अभियंता कॉल नहीं उठा रहे हैं। संवाद

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कम क्षमता के ट्रांसफॉर्मर और जर्जर तारों से होते हैं फॉल्ट
उचौलिया। मोहदियापुर में जर्जर केबल से अक्सर आपूर्ति बाधित हो जाती है। ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता कम होने से लो-वोल्टेज की समस्या रहती है, जिससे उपभोक्ता काफी परेशान रहते हैं। गांव मोहदियापुर में बरखेरा मार्ग पर सिंगल फेज केबल है, जिससे पूरा भार एक ही तार पर निर्भर रहता है। क्षमता से अधिक भार होने पर केबल खराब हो जाती है। राममूर्ति, रामनरेश, राजेश आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता कम होने पर लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। ऐसे में मोबाइल फोन भी बमुश्किल चार्ज हो पाते हैंं। उपभोक्ताओं ने थ्री फेज केबल डालने और उच्च क्षमता का ट्रांसफाॅर्मर लगाने की मांग की है। संवाद

आंधी से क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। मरम्मत कार्य तेजी से किया जा रहा है। ज्यादातर क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष जगहों पर जल्द ही बिजली बहाल कर दी जाएगी। -रवींद्र कुमार यादव, अधिशासी अभियंता, निघासन डिवीजन
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