नोटबंदी को बीते 44 दिन, नहीं मिल रहा जरूरत भर पैसा
बैंकों पर बढ़ रहा गुस्सा, कानून व्यवस्था को संकट
एक हजार और पांच सौ के नोटों की बंदी के 44 दिन बाद भी हालत सामान्य नहीं हो पाए हैं। हालत यह हैं कि लोगों के खातों में तो पैसे हैं लेकिन जेब खाली है। बाजार में सन्नाटा पसरा है। निर्माण कार्य अभी तक रफ्तार नहीं पकड़ पाए हैं। शहरी इलाके के बैंकों में तो स्थिति करीब सामान्य हो गई है लेकिन गांव देहात की बैंकों से कैश मिलने में लाले पड़े हुए हैं। देहात तो दूर शहरों में भी कैश की कमी से अभी तक अधिकांश एटीएम नहीं चल पाए हैं। जो एटीएम चल भी रहे उन पर लंबी कतारें देख लोगों की होश उड़े हुए हैं।
सरकारी कर्मचारियों के खातों में वेतन और पेंशनर्स के खातों में पेंशन पहुंचे करीब बीस दिन हो गए हैं। उनके खातों में तो पैसा है लेकिन उससे उनकी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। यही हाल किसानों का भी है। उनके खातों में चीनी मिलें गन्ना मूल्य का भुगतान भेज चुकी हैं। खाते में पैसा होते हुए उन्हें बैंक से पैसा नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण इलाके की बैंक शाखा प्रबंधकों का कहना है कि उन्हें जरूरत के मुताबिक कैश नहीं मिल पा रहा है। इससे उन्हें खाताधारकों के रोष का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों में कैश की कमी अब कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है। पिछले सप्ताह कई जगहों पर प्रदर्शन और हंगामे हुए। कई जगह लोगों ने सड़क पर जाम लगा दी तो कई जगह गुस्साए ग्रामीणों ने बैंक शाखाओं में ताले डाल दिए। कहीं पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा तो कहीं शाखा प्रबंधकों के समझाने पर मामला शांत हुआ। गुरुवार को भी कई जगह बैंकों से कैश न मिलने पर जमकर हंगामा काटा।
गोला गोकर्णनाथ। नोट बंदी के बाद से नगर की बैंकों में कैश की कमी बरकरार है। जिससे बैंक प्रबंधक चाह कर भी अपने खातेदारों को पर्याप्त भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। घंटों लाइन में लगे खातेदार कम भुगतान मिलने पर मन मसोसकर परेशान होकर घर वापस जा रहे हैं। कैश की कमी से बैंकों के एटीएम सूखे पड़े हैं जिससे कार्डधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे खातेदारों में असंतोष बढने लगा है। बाजार में भी अब वह रौनक नहीं दिख रही है। लोग रोजमर्रा के सामान की बामुश्किल खरीदारी कर पा रहे हैं।
ममरी। इलाहाबाद बैंक, हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक, गनेशपुर की ओरियंटल बैंक, रोशननगर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक सहित कई बैंकों में भुगतान गुरुवार को भी ठप रहा। सुबह से लाइन में खड़े खातेदारों को मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। खातेदारों का कहना है कि भुगतान केवल खास लोगों को दिया जा रहा है।
मैलानी। नोटबंदी के बाद से बैंकों में भीड़ का सिलसिला कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को एसबीआई में स्थिति सामान्य रही, लेकिन एसबीआई का एटीएम हफ्ते भर से बंद चल रहा है। इलाहाबाद बैंक में कैश निकालने वालों की सुबह से ही लंबी लाइन लग गई। एसबीआई, इलाहाबाद और जिला सहकारी बैंकों में खाताधारकों को मात्र दो हजार कैश दिया गया।
पंजाब एंड सिंध बैंक ने ग्राहकों को चाय पिलाई
पलियाकलां। ठंड के बढ़ते प्रकोप और ग्राहकों को होने वाली परेशानियों को मद्देनजर पंजाब एंड सिंध बैंक के मुख्य प्रबंधक ने एक नई पहल की है। भीषण ठंड में मुख्य प्रबंधक एएन सिंह की तरफ से बैंक आने वाले ग्राहकों को गर्म चाय और बिस्कुट का वितरण किया गया। बैंक में सुबह लगने वाली भीड़ ने गर्म चाय पाकर बैंक की तारीफ की। चाय, बिस्कुट वितरण में मुख्य प्रबंधक समेत प्रबंधक रवीश भूषण, संदीप कुमार, सुमित वर्मा, पुनीत सरवाल, सृष्टि ओझा, उजाला कुमारी आदि बैंकर्मियों और कर्मचारियों का सहयोग रहा।