तिकुनियां। भारत-नेपाल के बीच बह रही मोहाना नदी सेे भू-कटान तेज हो गया है। नदी ने गांव रननगर और इंदर नगर के किसानों की जमीनों को अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया है। इससे किसानों और सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों में अफरातफरी है। किसानों ने प्रशासन से कटान रोकने का बंदोबस्त कराए जाने की मांग की है।
ग्राम रननगर और इंदरनगर नेपाल सीमा पर बसे हैं। मोहाना नदी दो वर्षों से तेजी से कटान कर गांव की ओर बढ़ती आ रही है। किसानों की कई एकड़ फसल नदी में समा चुकी है। ग्रामीणों ने बताया नेपाल सरकार ने मोहना नदी के किनारे अपनी सीमा में बांध बना लिया है। इससे बारिश में बाढ़ आने पर नदी का पानी भारत की सीमा में तेजी से फैलता है, जिससे नदी तेजी से कटान करने लगती है। इस बार नदी का कटान काफी तेज है। नदी कटान कर ग्राम इंदरनगर निवासी गुरुलाल मिस्त्री, तारा सिंह, बूटा सिंह के घर के निकट करीब 50 से सौ मीटर की दूरी पर पहुंच गई है। इससे घरों के कटने की आशंका बढ़ गई है। ग्राम रननगर के किसानों शिव शंकर, प्रेम, कल्लन, राजेंद्र, महल सिंह, सतनाम सिंह, दर्शन सिंह, राजेश कुमार ने बताया खेत नदी में कट रहा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार ने बताया के नदी का सर्वे किया गया है। एस्टीमेट प्रपोजल बनाकर शासन को भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलते ही बारिश के बाद बांध बनाकर कटान रोकने का बंदोबस्त किया जाएगा।