शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शांतीनगर में शुक्रवार देर शाम दो सगे भाई और बहन ने गले में साड़ी का फंदा कस लिया। बड़े भाई ने पंखे से और छोटे भाई ने बहन के साथ छत के जाल से लटकर जान दे दी। एक ही परिवार के तीन लोगों की आत्महत्या की सूचना से शहर में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में ले लिया है। घटना की वजह तीनों के डिप्रेशन में होना माना जा रहा है।
यूपी एग्रो से रिटायर्ड इंजीनियर आदित्य प्रकाश अवस्थी का शहर के मोहल्ला शांतीनगर में मकान है। आदित्य प्रकाश अवस्थी ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह खाना खाकर लखनऊ काम से चले गए थे। घर पर बड़ा पुत्र नागेश्वर (35), विवेक (28) और पुत्री प्रीती (25) थे। तीनों बच्चे अविवाहित थे। शाम को जब वह घर वापस लौटे और दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। काफी देर तक कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने यूपी 112 पुलिस को कॉल की।
सूचना पर यूपी 112 पुलिस और कोबरा मोबाइल मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा तो सब आवाक रह गए। नागेश्वर का शव पंखे से लटक रहा था। उसके पैरों के बगल में स्टूल था। पास में ही तख्त के ऊपर बने जाल से गगन और प्रीती के शव लटक रहे थे। एक ही परिवार के तीन लोगों के शव लटकने की सूचना मोहल्ले में आग की तरह फैल गई। तमाम लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
सूचना पर सीओ सिटी विजय आनंद, प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश मिश्रा फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। तीनों शव नीचे उतारकर कब्जे में ले लिए। सीओ सिटी ने बताया कि तीनों बच्चे पढ़े-लिखे थे, लेकिन परिस्थितजन्य साक्ष्य तीनों के डिप्रेशन में होने की ओर इशारा कर रहे हैं। शवों को कब्जे में लिया गया है। शनिवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।