उचौलिया/मोहम्मदी। इस बार का चुनाव कई मायने में अलग रहा। 37 साल बाद कोई विधायक लगातार दो बार चुनाव जीत सका है। ये रिकॉर्ड लोकेंद्र प्रताप ने तोड़ा है। संयोग यह भी है कि सत्ताधारी दल के मौजूदा विधायक के दोबारा जीतने के साथ ही उसी पार्टी की सरकार भी बनी है।
इस विधानसभा सीट पर 1957, 1962 और 1967 में लगातार तीन चुनाव जीत कर जनसंघ के मन्ना लाल ने हैट्रिक लगाई थी। इसके बाद 1977 में जनसंघ और 1980 में जनता पार्टी से मन्ना लाल ने लगातार दो बार जीत हासिल की। 1980 और 1985 के चुनावों में कांग्रेस के बंशीधर राज भी लगातार दो बार जीतने में कामयाब रहे।
इसके बाद हर चुनाव में समीकरण ऐसे बदलते रहे कि कोई प्रत्याशी फिर दोबारा चुनाव नहीं जीत पाया। राम मंदिर आंदोलन और सपा-बसपा की जातिवादी राजनीति या अन्य कारणों से सरकारों के साथ साथ विधायक भी बदलते रहे। 1989 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के छोटे लाल जीते, लेकिन दो साल बाद हुए मध्यावधि चुनावों में 1991 में बंशीधर राज चुनाव जीत गए। 1993 में भाजपा के जगन्नाथ प्रसाद चुनाव जीते। अगले चुनाव में 1996 में कृष्णा राज विधायक बन गई मगर 2002 में फिर बंशीधर राज चुनाव जीत गए।
2007 में कृष्णा राज ने चुनाव जीता तो 2012 में परिसीमन के बाद हुई अनारक्षित सीट पर बसपा से बालाप्रसाद अवस्थी को जीत मिली। इस तरह इस सीट पर लगातार विधायक बदलते रहे। 2017 में भाजपा के लोकेंद्र प्रताप सिंह जीते और भाजपा सरकार भी बनी। विधायक बदलने का सिलसिला इस चुनाव में आकर थम गया। 2022 में भी यही परिणाम दोहराया गया है। जब लोकेंद्र प्रताप सिंह दोबारा विधायक बने और भाजपा सरकार भी बनी है।