-पीडब्ल्यूडी को डेटा के प्रस्तुतीकरण में करना पड़ेगा बदलाव
-10,339 पेड़ों के काटने पर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को लेना है फैसला
-अधिकांश पेड़ फारेस्ट के प्रोटेक्टेड एरिया का हिस्सा
-अब सात जून को सीएम के आने की चर्चा, पुष्टि नहीं
लखीमपुर-सीतापुर मार्ग पर फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ होने में कुछ देरी हो सकती है, क्योंकि पर्यावरण, वन एवं मौसम बदलाव मंत्रालय भारत सरकार में पेड़ों को काटने के लिए एनओसी की फाइल अटक गई है। मंत्रालय ने पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से प्रस्तुत की गई फाइल में डेटा के प्रस्तुतीकरण में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। इससे सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने में और देरी हो सकती है। वहीं, मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे पर फिलहाल ब्रेक लग गया है, क्योंकि कार्यक्रम में मुख्य रूप से फोरलेन निर्माण का शिलान्यास किया जाना प्रस्तावित हैै।
एलआरपी चौराहे से नेपालापुर तक 44.700 किमी दूरी में टूलेन सड़क को फोरलेन किया जाना है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी हैै। तो दूसरे विभागों से बिजली, पानी लाइनों की शिफ्टिंग के लिए आवश्यक कार्यवाही हो चुकी हैै, लेकिन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार ने पेड़ों को काटने की अनुमति अभी नहीं दी हैै। इस मार्ग को फोरलेन करने के लिए करीब 10,339 पेड़ों को काटना पड़ेगा, जिसमें 3839 पेड़ खीरी की सीमा में हैं। जबकि करीब 6500 पेड़ सीतापुर की सीमा में हैं। बताते चलें कि 44.700 किमी लंबी सड़क मार्ग पर करीब 40 किमी सड़क के दोनों ओर प्रोटेक्टेड फारेस्ट एरिया है, जिसकी सीमा में अधिकांश पेड़ काटने पड़ेंगे। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक के सहायक अभियंता दीपेश अस्थाना ने बताया कि बिजली विभाग और जल निगम को उनकी लाइनें शिफ्ट करने के लिए धनराशि दी जा चुकी है, जो जल्द ही अपना कार्य प्रारंभ कर देंगे। अतिक्रमण हटाने के लिए मार्किंग कराने के बाद उन्हें हटाने की शुरुआत हो चुकी हैै।
पहले चार, फिर छह और अब सात जून की चर्चा
फोरलेन के शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री के दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित हैै, लेकिन इस पर सस्पेंस भी कायम है। 19 मई 2016 को प्रस्तावित कार्यक्रम निरस्त होने के बाद चार जून की डेट लगाई गई थी। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार से एनओसी प्राप्त नहीं होने से मुख्यमंत्री के आने की प्रस्तावित तिथियों में बदलाव हो रहा है। छह जून के बाद अब सात जून की मौखिक चर्चा है, लेकिन इसकी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं है। अफसरों की माने तो चार जून को प्रस्तावित कार्यक्रम प्राप्त हुआ था, लेकिन इसके बाद मौखिक तौर पर ही छह और सात जून को आने की चर्चाएं हैं। सूत्रों की माने तो अब तक मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर अफसर भी निश्चिंत हो गए हैं।
फारेस्ट से अटकी बिजली विभाग की कार्यवाही
बिजली लाइनों को शिफ्टिंग का कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है, जिसमें भी अभी देरी हो सकती हैै। फारेस्ट से पेड़ों को काटने की अनुमति मिलने के बाद ही इसकी शुरूआत हो सकेगी। तभी बिजली लाइनों को शिफ्ट करने की रूपरेखा तैयार होगी। अधिशासी अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग से बिजली लाइन को शिफ्ट करने से पूर्व एरिया चिह्नित कर रिपोर्ट मांगी गई है। पेड़ों के काटने की प्रक्रिया फाइनल होने पर ही लाइनें शिफ्ट की जाएंगी।
पेड़ों को काटने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए फाइल भारत सरकार के मिनिस्ट्री आफ इनवायरमेंट, फारेस्ट, क्लाइमेट चेंज को भेजी गई है। मार्ग पर प्रोटेक्टेड फारेस्ट एरिया होने के चलते मंत्रालय ने कुछ बदलाव बताए हैं। मुख्यता डेटा के प्रस्तुतीकरण में बदलाव करना है, जिसके बाद फाइल को दुबारा मंत्रालय भेजा जाएगा।
-शशिकांत यादव, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड चतुर्थ सीतापुर
सीएम के दौरे को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी की जा चुकी है। प्रस्तावित कार्यक्रम में फोरलेन के शिलान्यास के अलावा स्वास्थ्य विभाग के भवन का उद्घाटन किया जाना है। हालांकि अभी दौरे के संबंध में शासन से कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
- अमित सिंह बंसल, सीडीओ