लखीमपुर खीरी। जनपद की पांच तहसीलें पलिया, निघासन, धौरहरा, लखीमपुर और गोला हर साल बाढ़ से प्रभावित होती हैं। इस दौरान इन तहसीलों के गांवों में कटान से काफी नुकसान होता है। बाढ़ प्रभावित इन पांचों तहसीलों में 26 जून को मॉकड्रिल किया जाएगा, ताकि आपदा से बचने और बचाने का रिहर्सल हो सके।
कलक्ट्रेट सभागार में एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, पंचायतीराज, कृषि, पशु पालन, अग्निशमन आदि संबंधित विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर मॉकड्रिल से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की। सभी जगह एक साथ मॉकड्रिल 26 जून को सुबह नौ बजे से शुरू होगा। इससे दो दिन पहले 24 जून का टेबल टॉक होगा, जिसमें शासन के अफसर मॉकड्रिल से संबंधित तैयारियों को देखेंगे।
26 जून को होने वाले मॉकड्रिल में संबंधित विभाग के अफसर व कर्मचारियों के अलावा एनडीआरएफ, एसएसबी, पुलिस बल और 50-50 आपदा मित्रों को तैयार किया जाएगा। मॉकड्रिल के दौरान बाढ़ चौकियां, राहत शिविर, अस्पताल आदि शिविर बनाए जाएंगे। मॉकड्रिल में नाव और प्रशिक्षित गोताखोरों की सहायता से डूब रहे व्यक्ति को कैसे बचाया जाए, इसका रिहर्सल किया गया।
रिहर्सल में ये चीजें सिखाई जाएंगीं
आपदा विशेषज्ञ अंकित राज ने बताया कि सदर तहसील में बाढ़ में नाव पलटने की घटना और डूबने से बचाव कार्य का मॉकड्रिल किया जाएगा। कर्बला श्रीनगर में स्टेजिंग एरिया, बालूगंज रपटापुल पर सेनारियों, यूपीएस श्रीनगर में मेडिकल पोस्ट और राहत शिविर बनेगा। वहीं, निघासन तहसील में बाढ़ से मुख्य मार्ग कटने का मॉकड्रिल रामधीन इंटर कॉलेज बम्हनपुर में होगा। धौरहरा में ग्रामीणों को बाढ़ की सूचना देना, गांव खाली कराना, प्रचार आदि गतिविधियां रसूलपुर में की जाएगी। गोला में आवासी भवन में आग लगने का मॉकड्रिल केन ग्रोवर पीजी कॉलेज में किया जाएगा। पलिया में बांध का कट व फट जाने का मॉकड्रिल दौलतपुर में किया जाएगा। सभी मॉकड्रिल के लिए ऑब्जर्वर भी नामित किए जा चुके हैं।