लखीमपुर खीरी। मनरेगा में श्रमिकों की फर्जी हाजिरी लगाकर खेल करने पर अब रोक लगेगी। अब उनकी हाजिरी फेस रीडिंग से लगेगी। इसके लिए सरकार ने आधार फेस आरडी एप लांच किया है। हाजिरी के साथ कार्यस्थल पर श्रमिक की रियल टाइम फोटो खींचकर एप में अपलोड की जाएगी।
मनरेगा के तहत गांवों में अधिक से अधिक श्रमिकों को 100 दिन रोजगार देने की व्यवस्था है। जिले में 2.49 लाख एक्टिव जॉबकार्ड धारक हैं। शासन स्तर से फेस रीडिंग से हाजिरी के लिए शत-प्रतिशत जॉबकार्ड धारकों की ई-केवाईसी कराने के आदेश दिए गए हैं। अगर किसी की ई-केवाईसी नहीं कराई गई है तो श्रमिक की हाजिरी नहीं लग सकेगी। ऐसा होने पर उसे मजदूरी भी नहीं मिलेगी।
अभी तक प्रधान और रोजगार सेवक मिलकर मनरेगा के कार्यों में खेल कर देते थे। जांच में कई मामले भी सामने आए, जिन पर वसूली और कार्रवाई गई गई, लेकिन अब सक्रिय श्रमिकों का चेहरा प्रमाणीकरण कराया जाएगा। इसके बाद संबंधित श्रमिक ही मनरेगा मजदूरी के रुपयों को निकाल सकेगा। डीसी मनरेगा अमित परिहार ने बताया कि शासन से चेहरा प्रमाणीकरण व्यवस्था होने से फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी।