खनन माफियाओं को छोड़ने पर भड़के विधायक
आरोपियों पर जानलेवा हमले का लगाया आरोप
डीएम-एसपी ने कोतवाली पहुंच दिया कार्रवाई का आश्वासन
सदर विधायक योगेश वर्मा को खनन माफिया द्वारा धमकी दिए जाने के बाद पकड़े गए दो आरोपियों को सदर कोतवाली पुलिस ने शनिवार की रात ही में विधायक के सामने छोड़ दिया। इससे नाराज सदर विधायक अपने समर्थकों के साथ कोतवाली परिसर में धरने पर बैठ गए और कोतवाल की बर्खास्तगी की मांग करने लगे। रविवार की तड़के कोतवाली पहुंचे डीएम-एसपी के मान मनौव्वल और कार्रवाई के आश्वासन के बाद विधायक ने धरना समाप्त किया। एसपी ने दोपहर बाद तक कोतवाल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी, लेकिन विधायक के एक कार्यकर्ता की ओर से तीन लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मोहल्ला छाउछ निवासी शांतुन तिवारी ने बताया कि ग्राम अमकोटवा निवासी अजय कुमार जिला अस्पताल में भर्ती थी, जिसे शनिवार को देखकर वह सदर विधायक योगेश वर्मा के साथ विधायक के ही आवास मोहल्ला राजगढ़ जा रहे थे। रात करीब 11 बजे ओवरब्रिज के पास बालू भरी सात ट्रैक्टर-ट्रॉलियां आ गईं। विधायक की गाड़ी देखकर एक ट्रैक्टर के चालक ने बगल में बैठे विधायक को जान से मार देने की नीयत से गाड़ी में टक्कर मारने का प्रयास किया, लेकिन चालक राजू वर्मा की सतर्कता से वह लोग बाल-बाल बच गए। इसी बीच खनन माफिया प्रेम वर्मा निवासी इलायचीपुरवा थाना खीरी और नसीम निवासी रामापुर सदर कोतवाली कार से आ धमके। विधायक को जान से मारने की धमकी दी। इतना कहते ही विधायक पर फायर कर दिया, हालांकि वह बाल-बाल बच गए। पुलिस, खनन इंस्पेक्टर टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस सातों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कब्जे में लेकर प्रेम और नसीम को रात करीब 12 बजे कोतवाली लाई। विधायक भी कोतवाली पहुंच गए। विधायक का आरोप है कि उनके सामने ही सदर कोतवाल ने दोनों आरोपियों को छोड़ दिया। इस पर नाराज विधायक और कोतवाल कुलदीप तिवारी के बीच काफी नोकझोंक हुई। नाराज विधायक समर्थकों के साथ कोतवाली में ही धरने पर बैठ गए। समर्थक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। सुबह करीब साढ़े पांच बजे डीएम आकाशदीप और एसपी डॉ. एस चन्नप्पा कोतवाली पहुंचे और विधायक को मनाया। विधायक का कहना था कि कोतवाली पुलिस अवैध खनन करने वालों और गलत काम करने वालों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कोतवाल की बर्खास्तगी की मांग की। एसपी ने जांच और कार्यवाही के लिए दोपहर 12 बजे तक का समय मांगा। जिस पर विधायक धरने से उठ गए। सदर विधायक योगेश वर्मा ने बताया कि अगर कार्रवाई न हुई तो वह फिर धरने पर बैठेंगे। सीओ सिटी हरीराम वर्मा ने बताया कि शांतुन तिवारी की तहरीर पर प्रेम वर्मा, नसीम समेत तीन लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
आपसी गुटबंदी से खुल रही कलई
जिले में अवैध खनन का कारोबार खूब फलफूल रहा है। इसकी हकीकत शनिवार की रात खुद सामने आ गई। सत्ता पक्ष के ही एक विधायक धरने पर जा बैठे। सरकार चाहे जिस पार्टी की रही हो खनन माफिया अपनी पैठ बनाने में कारगर साबित रहे हैं। इस बार तो सत्ता पक्ष के एक विधायक ने ही इससे पर्दा उठा दिया।
डंप की आड़ में खनन का हो रहा खेल
महेवागंज। फूलबेहड़ के तेतारपुर क्षेत्र में तो खनन माफियाओं की मानों चांदी है। तेतारपुर क्षेत्र की बालू क्वालिटी में पहले पायदान पर है। अच्छे रेट के चक्कर में खनन माफियाओं की नजर यहां अधिक रहती है। गंगाबेहड़ गांव में प्रशासन ने बालू के डंप की मंजूरी दे रखी है। पर इस डंप से बालू समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रही। सूत्रों की माने तो आसपास के इलाके में अवैध खनन के जरिये बालू सप्लाई की जा रही है। चेकिंग के समय डंप हुई बालू बेची जाती है। सूत्र बताते है कि हाल ही में पुलिस ने रात में खनन स्थल पर छापा मारकर कई ट्रैक्टर ट्रालियों को कब्जे में लिया था। सुबह होते ही सभी ट्रालियां छोड़ दी गई। दबंगों के डर से अधिकांश खेत मालिक अपनी जुबान बंद रखने में ही भलाई समझते हैं। अवैध खनन से जहा राजस्व को चूना लग रहा है वही पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।