फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

13 दिन से लापता महिला कुएं में मिली

Wed, 06 May 2015 10:56 PM IST
लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
विज्ञापन
13 दिन से लापता महिला बुधवार को एक सूखे कुएं में मिली। स्थानीय लोगों ने उसकी आवाज सुनकर उसे गंभीर हालत में कुएं से बाहर निकाला । महिला 13 दिन पहले घर से लापता हुई थी, जिसके बाद से परिवार वाले उसकी खोजबीन कर रहे थे। महिला के पति ने पुलिस को भी गुमशुदगी की सूचना दी थी। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि महिला ने संभवता दो या तीन दिन से कुछ भी खाया-पिया नहीं है। कुएं में गिरने से पहले वह कहां रही, इस बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है।
विज्ञापन

 मोहल्ला नौरगांबाद में चांदमारी रोड निवासी मोहम्मद उमर खान सलेमपुर कोन स्थित सीबी सिंह गौड़ मेमोरियल स्कूल में मजदूरी करता है। दोपहर में उसकी पत्नी यास्मीन और बेटा जावेद खाना देने जाते थे। 22 अप्रैल 2015 को यास्मीन अपने पति को खाना देकर घर लौटी थी। शाम को उमर खान घर पहुंचा, तो यास्मीन नदारद थी। इसके बाद उमर ने रिश्तेदारी में खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लगा। उमर खान ने बताया कि कपूरथला स्थित ससुराल में भी पता किया, जिसके बाद पुलिस को गुमशुदगी की सूचना दी गई। कई दिनों तक खोजबीन के बाद उमर मायूस होकर घर बैठ गया। बुधवार की सुबह सलेमपुर कोन में झाड़ियों के बीच स्थित एक सूखे कुएं (कोल्ड स्टोर के निकट) के पास से कुछ लोग गुजरे, तो उन्हें कराहने की आवाजें सुनाईं दीं। इससे राहगीर ठिठके और झाड़ियों में छिपे कुंए में झांककर देखा, तो महिला को देखकर दंग रह गए। इसकी सूचना पाकर अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और थोड़े प्रयास के बाद महिला को सकुशल बाहर निकाल लिया।
प्रधान प्रतिनिधि, सलेमपुर कोन सरोज वर्मा ने बताया कि कुएं के आसपास झाड़ियां होने से उधर लोग आते-जाते नहीं हैं। दो साल पहले इसी कुएं में गिरकर गोविंदनगर निवासी एक बालक की मौत हो गई थी। महिला की किस्मत है कि कुछ लोग उधर से गुजरे, जिन्होंने उसकी आवाज सुनकर बचा लिया।
विज्ञापन

सीएमएस, जिला अस्पताल डॉ. वीके साहू ने बताया कि महिला का इलाज किया जा रहा है। उसकी हालत खतरे से बाहर है। उसे देखकर लग रहा है कि उसने कई दिनों से कुछ नहीं खाया।
कुत्तों के दौड़ाने से कुएं में गिरी
यास्मीन ने बताया हैै कि उसे कुत्तों ने दौड़ा लिया था, जिनसे बचने के लिए वह भागी थी। झाड़ियों के बीच कुएं को वह देख नहीं सकी और गिर गई। कुएं में पानी नहीं था। कई दिनोें तक वह भूखी-प्यासी कुएं में चिल्लाती रही, लेकिन किसी को उसकी चीख पुकार सुनाई नहीं दी।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें