इंदिरा आवास योजना में मनरेगा के तहत मजदूरी देने के मामले में धौरहरा, रमियाबेंहड़ और फूलबेहड़ ब्लाक फिसड्डी साबित हुए हैं। सबसे ज्यादा धौरहरा ब्लाक की स्थिति कमजोर है। वहां महज दो प्रतिशत मजदूरों को ही मजदूरी दी गई है।
सीडीओ नितीश कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित तीनों ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन सभी बीडीओ के निलंबन के लिए शासन से सिफारिश की जाएगी। वहीं समीक्षा के दौरान बांकेगंज, कुंभी/गोला, मोहम्मदी और लखीमपुर ब्लाक अव्वल आए हैं।
सीडीओ के मुताबिक मनरेगा में मजदूरों को 90 दिन का रोजगार देने का प्रावधान है लेकिन इंदिरा आवास योजना में मनरेगा के अंतर्गत धौरहरा में महज दो फीसदी, फूलबेहड़ में 50 फीसदी और रमियाबेहड़ में 60 फीसदी ही मजदूरों को कार्य मिला है। मितौली ब्लाक में 100 फीसदी की रिपोर्ट भेजी गई है, लेकिन ब्लाक की जांच करने के बाद ही रिपोर्ट मान्य की जाएगी। जिन ब्लाकों में मजदूरों को 90 फीसदी तक रोजगार मिला है, उनमें बांकेगंज पहले स्थान पर, कुंभी/गोला दूसरे, मोहम्मदी तीसरे और लखीमपुर चौथे स्थान पर है।
जबकि अन्य ब्लाकों में 80 फीसदी रोजगार देने की रिपोर्ट मिलने पर संतोष जताया गया है। सीडीओ नितीश कुमार ने बताया कि कई बैठकों में चेताया गया लेकिन धौरहरा, रमियाबेंहड़ और फूलबेहड़ के खंड विकास अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इस संबंध में तीनों बीडीओ को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर शासन से इनके निलंबन की संस्तुति की जाएगी।