लखीमपुर खीरी। सपा प्रत्याशी से कांग्रेस के महासचिव प्रियंका गांधी के मिलने जाने की खबर जैसे ही शनिवार की सुबह फैली, राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई। इस तरह अचानक कांग्रेस महासचिव का सपा नेता के घर पहुंच जाना किसी के गले नहीं उतरा।
हालांकि, प्रियंका गांधी जहां इस दौरे के सियासी मायने निकाले जाने से इतर इस मुलाकात को इंसानियत और मानवता का तकाजा बताते नहीं थक रही हैं, वहीं दिन भर प्रियंका का सहयोग करते दिखे सपा नेता क्रांति सिंह जहां पहले इसे कांग्रेस की मानवता बताते रहे वहीं, प्रियंका के जाने के बाद मामले को कांग्रेस का पॉलिटिकल इवेंट बताते हुए बोले कि वह जबरन घर में आई थीं।
घटना की शुुरुआत शुक्रवार की रात 10 बजे से होती है, जब लखनऊ में प्रियंका गांधी एक बैठक के बाद शनिवार को सुबह 7 बजे पसगवां की पीड़ितों से मिलन लखनऊ से निकलने का फैसला लेती हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल लखनऊ से देर रात ही लखीमपुर के लिये रवाना हुए और अगले दिन मैगलगंज पहुंच गए। यहीं से चार किलोमीटर दूर सेमरीघाट पर सपा नेता क्रांति सिंह के घर दोनों पीड़िताएं ठहरी हुईं थीं।
कांग्रेस महासचिव के सपा नेता के घर पहुंचने पर जिलाध्यक्ष ने इसे मानवता और इंसानियत का धर्म बताया। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव ने सपा नेता के घर प्रियंका के दौरे को जबरन दौरा करना बताया और दावा किया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
शनिवार की सुबह ही उन्हें जानकारी हुई है। क्या मसला है वह क्रांति सिंह ही जानें। उधर, जब इस बाबत क्रांति सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें देर रात 12 बजे पुलिस के द्वारा सूचना दी गई। बताया कि जब घर के बाहर पुलिस फोर्स जुटना शुरू हुई तो उन्हें कुछ गड़बड़ लगी, जिस पर उन्हें पुलिस से प्रियंका गांधी के आने की सूचना मिली, जिसे उन्होंने पार्टी महासचिव रवि प्रकाश वर्मा और एमएलसी शशांक यादव की जानकारी दी।
क्रांति सिंह ने दावा किया कि उन्हें पार्टी से कहा गया था कि जब कोई आपके घर आ रहा है तो उसे रोका तो नहीं जा सकता। इसके बाद उन्होंने सभी इंतजाम किए। हालांकि, बाद में सपा जिलाध्यक्ष के सुर से सुर मिलाते हुए शाम तक उन्होंने भी कह दिया कि प्रियंका गांधी पॉलिटिकल इवेंट मनाने और जबरन उनके घर में आईं थीं।
प्रियंका गांधी हमारे घर जबरन आईं। वह डेढ़ साल बाद यूपी में पॉलिटिकल टूरिज्म पर आई थीं। मुझे पहले से नहीं पता था कि अपनी राजनीतिक जमीन के लिए मेरे घर को इवेंट बनाया जाएगा। - क्रांति सिंह, सपा नेता
प्रियंका जी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर महिला होने के नाते महिलाओं का दुख साझा करने गई थीं। क्रांति सिंह ही प्रियंका जी को विडियो दिखा रहे हैं। उनके घर तो पहले से ही सुरक्षा पहुंचने लगी थी। ऐसा नहीं है, क्रांति सिंह गलत सूचना दे रहे हैं। - प्रहलाद पटेल, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
प्रियंका गांधी के दौरे से सपा का कोई लेना देना नहीं है। हमें कोई जानकारी भी नहीं दी गई है। सपा प्रत्याशी से मिलने का दौरा, प्रियंका गांधी का जबरन ही कहा जाएगा। - रामपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा
सपा और कांग्रेस का एक ही चरित्र है। प्रियंका गांधी राजनीति ही करने आई थीं, लेकिन भाजपा अच्छी तरह से जानती है कि सपा और कांग्रेस सरकार में महिलाओं का क्या हश्र रहा। मुख्यमंत्री जी ने मामले में त्व रित कार्रवाई की। भाजपा में महिला सम्मान सबसे ऊपर है। - कुलभूषण सिंह, जिला उपाध्यक्ष, भाजपा
प्रियंका की रणनीति है लखीमपुर का दौरा
लखीमपुर खीरी। कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने लखीमपुर के पसगवां कांड के बहाने कई निशाने साधे हैं। मिशन 2022 के लिए कांग्रेस की राजनीति को फिर से नया जोश देने के अवसर के रूप में लखीमपुर खीरी से चुनावी बिगुल बजाया तो वहीं दिग्गज कांग्रेसी नेता रहे जितिन प्रसाद के भाजपा में चले जाने के बाद लखीमपुर खीरी में कांग्रेसियों के ताबड़तोड़ पलायन को रोकने और डैमेज कंट्रोल करने के लिए भी प्रियंका गांधी वाड्रा का लखीमपुर दौरा बड़ी रणनीतिक सोच का हिस्सा है। जानकार बताते हैं कि जिस तरह मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण होकर कांग्रेस पार्टी से किनारा करता जा रहा है और समाजवादी पार्टी के साथ मुस्लिमों की संख्या बढ़ती जा रही है उसको देखते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने समाजवादी पार्टी के नेताओं से मिलने और मंच साझा करने में भी गुरेज नहीं किया। राजनीतिक पंडितों की मानें तो यह बड़े गठबंधन की संभावनाओं का संकेत हैं। संवाद