सीएमएस ने दिए सर्जन एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ को जिम्मेदारी संभालने के निर्देश
रोस्टर तैयार, दोनों डॉक्टर इमरजेंसी वार्ड के पहले पुराने दंत रोग विभाग में बैठेंगे
लखीमपुर खीरी। सीएमएस ने मेडिको लीगल एवं एक्सीडेंटल मरीजों की सुविधा के लिए एक हड्डी रोग विशेषज्ञ व एक सर्जन को जिला अस्पताल में बैठने के निर्देश दिए हैं। इससे इस तरह के मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी। सीएमएस ने इसका रोस्टर भी तैयार कर लिया है। दोनों डॉक्टर इमरजेंसी वार्ड के पहले पुराने दंत रोग विभाग में बैठेंगे।
जिला अस्पताल में एमसीएच विंग में शिफ्ट होने से सबसे ज्यादा दिक्क्त मेडिको लीगल और एक्सीडेंटल मरीजों को हो रही थी। पर्चा बनवाने के लिए इन मरीजों को 15 किलोमीटर दूर मोतीपुर जाना पड़ता था।एक्सरे व अल्ट्रासाउंड कराने के लिए फिर जिला अस्पताल आना पड़ता है। कारण, इंजीनियर न आने के कारण एक्सरे, अल्ट्रासाउंड सहित सीटी स्कैन अभी जिला अस्पताल में ही रहे हैं। गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए इसलिए सीएमएस ने एक सर्जन और एक हड्डी रोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल में ही बैठने के निर्देश दिए हैं। इनके लिए इमरजेंसी वार्ड से पहले दंत रोग विभाग को अस्थायी मेडिको लीगल कक्ष बनाया गया है।
क्या होता है मेडिको लीगल
जब कोई भी व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति या अपने जानने वाले के द्वारा संदेहास्पद स्थिति या जख्मी हालत में प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में लाया जाता है और चिकित्सीय उपचार के दौरान वह व्यक्ति कुछ भी न बता सकने की स्थिति में होता है या ऐसी स्थिति में होता है कि उसकी मृत्यु हो सकती है तो उपचार के दौरान ही चिकित्सक द्वारा उस व्यक्ति की जानकारी पुलिस को देनी होती है। ऐसे हर एक मामले को मेडिको लीगल केस कहा जाता है।
एक्सरे एवं अल्ट्रासाउंड मशीन अभी शिफ्ट नहीं हो पाई है। इसलिए मेडिको लीगल एवं एक्सीडेंटल मरीजों केे इसके लिए एमसीएच विंग से जिला अस्पताल आना पड़ता था। तीन सर्जन एवं दो अस्थि रोग विशेषज्ञ होने के कारण एक सर्जन और एक हड्डी रोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल में बैठने के निर्देश दिए हैं।
- डॉ. मदन लाल, सीएमएस जिला अस्पताल