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नेताओं की नहीं चली, सैदापुर में ही बनेगा मेडिकल कॉलेज

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लखीमपुर जिला अस्पताल। - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। देवकली रोड स्थित सैदापुर भाऊ गांव में प्रस्तावित राजकीय मेडिकल कॉलेज के स्थान परिवर्तन को लेकर की जा रही नेताओं की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। नेता चाहते थे कि मेडिकल कॉलेज उनके मनमाफिक स्थान पर स्थानांतरित हो जाए, जिससे उस इलाके की जमीनों के दाम ऊंचे हो जाएं और वे लाभ कमा सकें लेकिन शासन ने पहले से प्रस्तावित गांव में ही मेडिकल कॉलेज बनाने को मंजूरी दी है।
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मेडिकल कॉलेज का स्थान निश्चित हो जाने के बाद कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक ने भवन निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के लिए डिजाइन तैयार करने का काम दिल्ली की डीडीएफ कंसल्टेंसी कंपनी को सौंपा है। इसके अलावा अब एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) की गाइड लाइन के मुताबिक लेक्चर हाल और क्लास रूम बनाए जाएंगे। इससे मेडिकल कॉलेज के निर्माण की लागत 233.1377 (दो सौ तैंतीस करोड़ तेरह लाख सत्तर हजार) से बढ़कर 288 करोड़ (दो सौ अट्ठासी करोड़) हो गई है।
केंद्र सहायतित योजना इस्टैबलिशमेंट ऑफ न्यू मेडिकल कालेजेज अटैच्ड विद एक्सिस्टिंग डिस्ट्रिक्ट/रेफरल हास्पिटल (फेज 3) के तहत जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर राजकीय मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा, जिसके साथ ही सैदापुर भाऊ में कॉलेज के मुख्य भवन का निर्माण कराया जाएगा। शासन जून 2020 में मेडिकल कॉलेज के निर्माण का कार्य प्रारंभ कराने के लिए 20 करोड़ रुपये बजट जारी कर चुका है। तब कार्यदायी संस्था लॉकडाउन के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कराना चाहती थी, लेकिन इसी बीच सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने सैदापुर के बजाय दुधवा स्टेट हाईवे स्थित गांव ताहिरपुर में मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग करते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री सुरेश खन्ना को पत्र लिखा था। उनकी मंशा थी कि मेडिकल कॉलेज उनके मनमाफिक गांव में स्थानांतरित हो जाए, जिससे उस इलाके की जमीनों के दाम बढ़ने पर वे लाभ उठा सकें। इस मांग के चलते विशेष सचिव ने नेताओं के सुझाए स्थल की आख्या डीएम से मांगी थी। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी मैदान में आईं थीं और सैदापुर के ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए शासन को पत्र लिखा था। कई महीने तक चले गतिरोध के बाद शुक्रवार को कैबिनेट ने लखीमपुर समेत 13 जिलों में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य शुरू करने को हरी झंडी दे दी। इससे मेडिकल कॉलेज को स्थानांतरित करने की नेताओं की मंशा पर पानी फिर गया।
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लेक्चर हाल और क्लास रूम निर्माण को लेकर मानकों में संशोधन से बढ़ी लागत
सैदापुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए व्यय वित्त समिति ने पहले 233.1377 करोड़ बजट स्वीकृत किया था। इस बीच एमसीआई की गाइड लाइन के मुताबिक कॉलेज में लेक्चर रूम और क्लास रूम के निर्माण में मानकों को संशोधित किया है, जिससे निर्माण की लागत में करीब 55 करोड़ की वृद्धि हुई है। अधिशासी अभियंता देवेंद्र सिंह ने बताया कि एमसीआई के मानक एवं ले आउट प्लान के अनुरूप कार्य कराने का उत्तरदायित्व चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण लखनऊ को सौंपा गया है। उन्हीं के अनुसार नक्शा, एस्टीमेट में संशोधन किया गया है। इससे अब मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर कुल 2.88 अरब लागत आएगी।
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जनवरी 2021 में टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करा ली जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। कार्यस्थल से मिट्टी के नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। भवन का डिजाइन तैयार कराने का कार्य दिल्ली की कंसल्टेंसी से कराया जा रहा है।
-देवेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक
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पहले से प्रस्तावित देवकली रोड स्थित सैदापुर गांव में ही मेडिकल कॉलेज बनेगा। पहले दूसरे स्थल की रिपोर्ट मांगे जाने पर आख्या भेजी थी। शासन ने पहले से चयनित स्थल पर ही निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
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-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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