लखीमपुर खीरी। स्वशासी मेडिकल कॉलेज को 72 नए जूनियर रेजिडेंट (जेआर) मिल गए हैं। इनके कार्यभार संभालने से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और विभिन्न विभागों में चिकित्सकों की कमी काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है। इससे मरीजों को समय पर इलाज मिलने के साथ ओपीडी, इमरजेंसी और वार्डों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि जूनियर रेजिडेंटों की तैनाती मेडिसिन, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, हड्डी रोग और एनेस्थीसिया समेत विभिन्न विभागों में की गई है। इससे मरीजों की जांच, उपचार, वार्ड प्रबंधन और इमरजेंसी सेवाएं अधिक प्रभावी होंगी तथा गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार मिल सकेगा।
अब तक कई विभागों में चिकित्सकों की कमी से सीमित स्टाफ पर कार्यभार अधिक रहता था, जिससे ओपीडी में मरीजों को इंतजार करना पड़ता था। नए जूनियर रेजिडेंटों के आने से कार्य का बेहतर बंटवारा होगा और मरीजों को अधिक व्यवस्थित व समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
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नवस्थापित लॉन्ड्री मशीन की परखी व्यवस्था
लखीमपुर खीरी। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने मंगलवार को निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज जिला चिकित्सालय परिसर में नवस्थापित लॉन्ड्री मशीन का निरीक्षण किया। उन्होंने मशीन के संचालन, कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्राचार्य ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से मशीन के संचालन की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को स्वच्छ और संक्रमणमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लॉन्ड्री व्यवस्था का सुचारु संचालन आवश्यक है।
उन्होंने मशीन के आसपास साफ-सफाई, स्वच्छता और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल परिसर में वाटर कूलर लगवाने, नियमित निगरानी और मशीन के बेहतर रखरखाव पर भी जोर दिया, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। संवाद