सहायक आयुक्त औषधि अनूप मलिक के नेतृत्व में ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने शहर के मेडिकल एजेंसियों पर छापेमारी कर 11 दवाओं के नमूने लिए हैं। जांच के दौरान सात मेडिकल के अभिलेखों और रखरखाव में गड़बड़ियां पाई गई हैं। इन दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त के निर्देश पर सहायक आयुक्त औषधि अनूप मलिक बुधवार को तय कार्यक्रम के मुताबिक टीम में कई जिलों के डीआई के साथ लखीमपुर पहुंचे और एसडीएम सदर से कार्रवाई की अनुमति प्राप्त की। इसके बाद सहायक आयुक्त औषधि ने एक कांप्लेक्स स्थित प्रेम मेडिकल एजेंसी पर छापा मारा और अभिलेखों की जांच कर दवाओं के नमूने लिए। वहीं अन्य ड्रग इंस्पेक्टरों ने बंसवार मेडिकल, सुंदर फार्मा, ज्ञान एजेंसी, मेघा मेडिकोज, बीडी फार्मा और सचदेवा मेडिकल पर छापे मारे और बिल बाउचर चेक कर दवाओं के नमूने लिए।
डीआई संदेश मौर्या ने बताया कि सात मेडिकल एजेंसियों के अभिलेखों कमियां पाई गई हैं और दवाओं का रखरखाव भी ठीक नहीं मिला है। लिहाजा सभी को नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद संतोषजनक जवाब न पाए जाने पर मेडिकल एजेंसी के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। टीम में लखनऊ के डीआई शशिमोहन गुप्ता, डीआई सीतापुर दिनेश तिवारी, डीआई हरदोई सौरभ दुबे, डीआई रायबरेली सुमित वर्मा, डीआई उन्नाव विनय कुमार शामिल रहे। डीआई संदेश मौर्या ने जानकारी देकर बताया कि दीपावली के बाद तहसील मुख्यालयों पर छापेमारी की जाएगी।