अयोध्यापुरवा में चल रहे 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे गायत्री परिवार ने दहेज रहित सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया। यहां हिंदू और सिख परिवारों के 26 जोड़ों का विवाह वैदिक रीति से एक ही मंडप पर कराया गया।
सिन्हौना के मजरा अयोध्यापुरवा में प्रति वर्ष की भांति मां दुर्गा मंदिर पर विशाल दो दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया। बरोठा के पंडित बृजेंद्र त्रिपाठी, मुल्लूराम, त्रिमोहन, रेनू और ऊषा विश्वकर्मा आदि ने हिंदू रीति-रिवाज के साथ 24 और सिख समुदाय के दो जोड़ों का दहेज रहित विवाह कराया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के बेनीपुरवा, सिन्हौना, सिंगहा आदि स्थानों से लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली और डनलप आदि से पहुंचे। पूर्व प्रधान जोरा सिंह और उनकी पत्नी लक्ष्मी कौर ने बताया कि करीब आठ साल से यहां दहेज रहित विवाह कराए जाते हैं। इसमें फरेंदा फार्म निवासी पूर्व चेयरमैन वीपी भल्ला, नौरंगाबाद के अमनदीप सिंह, निघासन के शीतल सिंह और तिकुनियां के करीब आधा दर्जन व्यापारियों ने सभी जोड़ों को चारपाई, रजाई गद्दे, तौलिया बक्सा आदि सामान दिया।
यह जोड़े बंधे विवाह बंधन में
सामूहिक विवाह में टापर पुरवा के प्रदीप और नौरंगाद की चुन्नी, सिंगहा खुर्द के रामनिवास और नौरंगाबाद की पम्मी, पलिया त्रिलोकपुर के संतराम और अदलाबाद की रामकुमारी, रायपुर के राजकुमार और बनवीरपुर की गुड़िया, बिजुआ के रंजीत और भानपुर की मनोरमा, रमियाबेहड़ के ओमप्रकाश और चचरा की कुसुमा, पलिया के चूरा टांडा जगदेव गांव के महेंद्र और धर्मापुर की कन्यावती, मांझा के जसविंदर सिंह और उत्तराखंड के सितारगंज निवासी नरेंद्र कौर, खैरटिया के सुरेंद्र सिंह और इसी गांव की गुरमीत कौर समेत 26 जोड़े एक दूसरे के हो गए।