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1470 रेट वाले धान की मंडी में कीमत एक हजार

Tue, 04 Oct 2016 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
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paddy - फोटो : amar ujala
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धान क्रय केंद्रों में बैनर टांगकर हो रही खानापूर्ति
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अब तक शुरू नहीं हो सकी सरकारी धान खरीद
आढ़तियों के फड़ पर लगे धान के ढेर
खरीफ सीजन में किसानों से धान खरीद के लिए जिले में 82 क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव डीएम ने किया था, जिनमें अब तक कुछ एजेंसियों ने ही क्रय केंद्र खोले हैं। एक अक्तूबर से शुरू हो चुकी धान खरीद अब तक सिर्फ कागजी खानापूर्ति भर है, क्योंकि क्रय केंद्रों पर उपकरण समेत साजो-सामान पहुंचाया जा रहा है। वहीं मंडी में आढ़तियों के फड़ों पर धान के ढेर लगे हैं, जहां किसान 1470 मूल्य वाले धान को 950 से 1150 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचने को विवश हैं। 
धान खरीद के लिए इस बार जिले में 82 क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम हैं। एजेंसियों को ढाई लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य मिला है। सरकार ने केंद्रों पर कामन धान का 1470 रुपये और ग्रेड ए धान का 1510 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया है। राजापुर मंडी में चार क्रय केंद्र खोले जाने हैं, जिसमें दो विपणन, एक कर्मचारी कल्याण निगम और एक एफसीआई का केंद्र शामिल है। अब तक विपणन शाखा के दो केंद्रों को मिलाकर एक केंद्र खोला गया है, लेकिन इस पर मंगलवार को भी धान खरीद शुरू नहीं हो सकी। जबकि कर्मचारी कल्याण निगम के क्रय केंद्र पर मंगलवार को इलेक्ट्रानिक तराजू, पंखा आदि सामान लाया गया, जिससे यहां भी किसानों से धान खरीद शुरू नहीं हुई है। जबकि एफसीआई का केंद्र अब तक नहीं लगा है। 
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क्रय केंद्रों में होगा फेरबदल
पालिसी आने पर क्रय केंद्रों की स्थिति में फेरबदल होने के आसार हैं। सूत्र बताते हैं कि छह क्रय केंद्र खोलने वाली एजेंसी यूपीएसएस को सरकारी धान खरीद से बाहर कर दिया गया है। इस तरह पीसीएफ के 45, विपणन शाखा के 10, आवश्यक वस्तु निगम के पांच, एनसीसीएफ के छह, कर्मचारी कल्याण निगम के चार, यूपी स्टेट एग्रो का एक और भारतीय खाद्य निगम के पांच क्रय केंद्र रह गए हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी कौशल देव ने बताया कि अभी धान में नमी मानक से ज्यादा है, जिससे केंद्रों पर खरीद नहीं हो पा रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि पालिसी आने पर क्रय केंद्रों की स्थिति में बदलाव संभव है, क्योंकि एक एजेंसी को हटाकर दूसरी एजेंसी को शामिल किया जाएगा। 
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बस नाम का ही नैम
खुले बाजार में किसानों को अच्छे दाम दिलाने के लिए राजापुर मंडी में स्थापित राष्ट्रीय कृषि बाजार (नैम) भी महज शोपीस बना हुआ है। इसमें 72 आढ़ती पंजीकृत हैं, लेकिन अब तक ऑनलाइन धान की खरीद-बिक्री शुरू नहीं हुई है। मंडी के कर्मचारी बताते हैं कि अब तक कुछ मंडियों में ही नैम स्थापित हुआ है, दूसरा कारण पालिसी का जारी न होना बताया जा रहा है। हालांकि अब गोला मंडी को भी राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ा गया है। 
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