सुहागिन महिलाओं के त्याग, धर्म, संस्कार और समर्पण के प्रतीक करवाचौथ के लिए बाजार सज गया है। पति के प्रति अपना प्रेम और समर्पण प्रदर्शित करने वाले इस पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए महिलाएं तैयारियों में जुट गई हैं। साजन के लिए सजने को अभी से ब्यूटी पार्लर पर भीड़ बढ़ गई है।
करवा चौथ शुक्रवार को है, इसके लिए शहर और कस्बों में खरीदारी के लिए बाजार सज गए हैं। चूड़ियों की दुकानों पर बुधवार को महिलाओं की काफी भीड़ दिखाई दी। महिलाओं ने रंग-बिरंगी चूड़ियों से अपनी कलाइयां सजाईं। साड़ी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। भारी साड़ियों की मांग इस बार ज्यादा रही। करवा चौथ पर पहार पत्नियों को उपहार देने के लिए पतियों ने सोने के जेवरात और साड़ियां खरीदीं।
उमंग और उल्लास से सराबोर सजी धजी नवविवाहिताओं के मधुर गीतों की गूंज और गुलाबी ठंड के बीच यह पावन पर्व पति के साथ रिश्तों की मधुरता, दीर्घायु की कामना, परिवार की खुशी और सुख समृद्धि के लिए किया जाता है। करवा चौथ व्रत भले ही केवल विवाहिता महिलाओं के लिए जाना जाता हो, लेकिन आज के इस आधुनिक युग में करवा एक महत्वपूर्ण इवेंट बन गया है। बाजार भी इसका भरपूर फायदा उठा रहा है। शहरों से लगाकर कस्बों और गांवों में करवा चौथ को लेकर उत्सव जैसा माहौल है। नवविवाहिता हो या बड़ी उम्र की युवतियां सभी इस पर्व को लेकर उत्साहित हैं।
शहर और कस्बों की महिलाएं करवा चौथ के पहले जहां खुद को सजाने संवारने में व्यस्त हैं वहीं ग्रामीण महिलाएं अपनी लोक कला से दीवारों पर सुंदर चित्रकारी से गणेश गौरी के चित्र उकेर रही हैं। यह लोक कला उनके हाथों के हुनर और कलाप्रियता को दर्शा रही है।