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नौ बिसवा जमीन के विवाद में लाठियों से पीटकर तहेरे भाई की ली जान

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लखीमपुर खीरी। थाना खीरी क्षेत्र में नौ बिसवा जमीन के विवाद में बृहस्पतिवार की शाम तीन सगे भाइयों ने अपने ही तहेरे भाई को लाठियों से पीटकर बेदम कर दिया। सिर पर लाठी लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस खून से लथपथ घायल को लेकर चौकी ओयल पहुंची, लेकिन घायल को अस्पताल नहीं भेजा। इलाज कराने की बात कहकर घर वालों के साथ उसे भेज दिया। घरवाले प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए। जहां डॉक्टर ने पुलिस केस बताकर इलाज करने से मना कर दिया। इस पर परिवारवाले उसे घर ले गए, जहां शुक्रवार तड़के उसकी मौत हो गई। हरकत में आई पुलिस ने आननफानन में तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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थाना खीरी के गांव सिकंदरपुर निवासी राजेश कुमार ने बताया कि भाई रामगोपाल (35) के घर पास मंदिर है। वहीं पर कुआं और करीब नौ विसवा ग्राम समाज की जमीन है। यह जमीन उसके भाई और ताऊ बालकराम के सहन में हैं। इसी जमीन से निकले रास्ते से आना-जाना है। बालकराम रास्ते को बंद करने का काफी समय से प्रयास कर रहे थे। जिसका भाई रामगोपाल विरोध करता था। बृहस्पतिवार की शाम को बालकराम ने रास्ते पर छोटा हाथी खडा कर दिया। सरावन (पटेला) रखकर रास्ता बंद कर दिया। शाम करीब साढ़े सात बजे रामगोपाल घर के बाहर निकला। रास्ता बंद देख उसने विरोध किया। इस पर दोनों पक्षों के बीच गालीगलौज होने लगी। नाराज बालकराम के बेटे रामनरेश, इंद्रपाल और छत्रपाल ने रामगोपाल को पकड़ लिया और लाठियों से जमकर पिटाई शुरू कर दी। शोरशराबा होने पर मौके पर पहुंचे परिवार के अन्य लोगों ने बमुश्किल उसे बचाया। घटना की सूचना यूपी 100 पुलिस को दी। सूचना पर यूपी 100 और ओयल चौकी पुलिस के दो सिपाही मौके पर पहुंचे। चौकी के सिपाही खून से लथपथ भाई को लेकर चौकी आए। परिवार के अन्य लोग भी चौकी पर पहुंच गए। भाई राजेश कुमार ने बताया कि सिपाहियों ने उल्टे ही मारपीट करने का उन पर इल्जाम लगा दिया। जेल भेज देने की धमकी दी। प्राइवेट इलाज कराने की बात कह उसे भेज दिया। इस पर वह अपने भाई को लेकर कस्बे के एक चिक्तिसक के पास पहुंचा। चिकित्सक ने पुलिस केस बताकर इलाज करने से मना कर दिया। इस पर परिवार के लोग उसे घर ले आए। शुक्रवार की तड़के करीब साढ़े तीन बजे रामगोपाल ने दम तोड़ दिया। घरवालों ने मौत की सूचना पुलिस को दी। सूचना के तीन घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है। एसओ सुनील कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर तीन सगे भाइयों रामनरेश, इंद्रपाल और छत्रपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चौकी के सिपाहियों द्वारा रात में डांट-फटकार कर भगाने और मेडिकल परीक्षण न कराने की बात परिवार वाले कह रहे हैं, जिसकी जांच की जा रही है।
लखीमपुर खीरी। पुलिस के गैर जिम्मेदाराना रवैये ने गांव सिंकदरपुर निवासी मजदूर रामगोपाल की आखिर जान ले ही ली। पुलिस उसे अस्पताल भेज देती और उसका समय से इलाज हो जाता तो शायद उसकी जान न जाती। घर के मुखिया की मौत से उसके परिवार में कोहराम मचा है।
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गांव सिकंरपुर निवासी राजेश कुमार ने बताया कि रामगोपाल के पास जमीन नहीं है। वह मेहनत मजदूरी कर परिवार पालता था। गुरुवार की शाम हमलावरों ने उसकी लाठी-डंडों से पिटाई की तो लाठी सिर में लगने से रामगोपाल लहूलुहान हो गया था। चौकी ले जाने के बाद भी पुलिस ने उसके भाई का इलाज नहीं कराया। उन्होंने भाई को दवा दिलाने की कोशिश की तो डॉक्टर ने भी पुलिस केस बताकर दवा नहीं दी। इस पर वह भाई को घर ले आए थे। उनका कहना है कि भाई को यदि समय से उपचार मिल जाता तो उसकी जान नहीं जाती। उन्होंने भाई की मौत का जिम्मेदार पुलिस को ठहराया है। मृतक की पत्नी नीलम देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके दो पुत्रियां और दो पुत्र छोटे-छोटे हैं। मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।
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