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सतीश में तुमसे बहुत प्यार करती हूं.....

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लखीमपुर खीरी। पति को छोड़कर दूसरे के साथ जिंदगी काटने का सपना संजोने वाली संगीता ने अपने हाथ पर गुदवाया था- ‘सतीश मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं।’ सतीश ने भी अपने हाथ पर ‘आई लव यू संगीता’ लिखवाया था। इस सबके बावजूद दोनों के बीच आखिर ऐसा क्या हो गया, जिससे सतीश ने उसकी और खुद को गोली से उड़ाकर प्रेम कहानी का हमेशा के लिए अंत कर दिया। आसपास के लोगों के मुताबिक सतीश को शक था कि संगीता किसी दूसरे युवक से बात करती है। इस बात को लेकर अक्सर दोनों में झगड़ा भी होता था।
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संगीता का मायका थाना मितौली के गांव पहारा में हैं। उसकी शादी थाना ईसानगर खमरिया निवासी सुरेंद्र से हुई थी। सुरेंद्र से उसके 11 वर्ष का एक बेटा अभि है। इसी बीच संगीता का पड़ोस के ही सतीश से प्रेम संबंध हो गए थे। बताते हैं यहीं से संगीता और उसके पति के बीच दरार पड़ गई थी। सुरेंद्र ने संगीता को छोड़ दिया था और ऊषा देवी नाम की युवती से शादी कर ली थी। पति के छोड़ने के बाद आठ साल से संगीता अपने प्रेमी सतीश के साथ रहने लगी। पांच महीने पहले संगीता बेटे अभि को लेकर अपनी रिश्तेदार चित्रा देवी के घर पहुंची। चित्रा ने उसे छाउछ नहर कॉलोनी में किराए पर कमरा दिलाया था। वहां सतीश रोज शाम को आता और सुबह चला जाता था। बताते हैं कि सतीश ने ही संगीता को हाईवे के किनारे खोखा रखवाकर कमाई का जरिया बनवाया था। संगीता और सतीश ने हाथ पर गुदवाकर जिस तरह एक-दूसरे से प्यार का इजहार किया था, उससे यह बात तो साफ हो गई कि दोनों के बीच संबंध काफी गहरे थे। संगीता सतीश के साथ ही जिंदगी काटना चाहती थी, लेकिन महीने भर से दोनों के संबंधों में खटास आ गई थी। आसपास के लोगों के मुताबिक सतीश को शक था कि संगीता किसी दूसरे से बात करती है। इसको लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा भी होता था। पुलिस भी इस बात से इनकार नहीं कर रही है। प्रभारी निरीक्षक फतेह सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस बिंदु को भी अपनी जांच में शामिल किया है। पुलिस कई पहलुओं पर अपनी जांच कर रही है।
बार-बार बयान बदल रही प्रत्यक्षदर्शी चित्रा
सतीश ने जिस समय संगीता को गोली मारी उस समय खोखे पर संगीता की रिश्ते की मौसी चित्रा देवी भी खोखे पर बैठी थी। पुलिस जब चित्रा के घर पहुंची और उससे पूछताछ की तो पहले उसने कहा कि उसे संगीता के बारे में अधिक जानकारी नहीं है, न ही उसने कमरा दिलवाया। फिर पुलिस ने जब कड़ाई की तो उसने कमरा दिलवाने की बात स्वीकार की। उसका कहना है कि घटना के समय वह खोखे पर बैठी तो जरूर थी, लेकिन उसे नहीं पता कि गोली मारने वाला कौन है। उसके बार-बार बयान बदलने से पुलिस को इस बात का शक है कि चित्रा को घटना के बारे में पूरी जानकारी है, मगर वह डर के कारण कुछ बोल नहीं रही। हालांकि पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया है।
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मोबाइल से मिलेंगे महत्वपूर्ण सुराग
संगीता दो मोबाइल फोन रखती थी। पुलिस ने दोनों कब्जे में ले लिए हैं। नंबरों की कॉल डिटेल पुलिस निकलवा रही है। पुलिस कॉल डिटेल के सहारे हत्या की गुत्थी सुलझाने का प्रयास करेगी।
काफी डरा सहमा है अभि
संगीता का 11 वर्षीय बेटा अभि कमलापुर के अंबेडकर स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता है। अपनी आंखों के सामने मां की हत्या होने से वह काफी डरा सहमा है। वह घटना के बारे में अभी कुछ नहीं बता पा रहा है। उसका रोते-रोते बुरा हाल है। पुलिस ने उसे संगीता के रिश्ते की मौसी चित्रा को सौंप दिया है। ।
315 बोर का तमंचा, तीन कारतूस और दो खोखे मिले
दिनदहाड़े सरेराह महिला समेत दो लोगों की हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सतीश के शव के पास पड़ा 315 बोर का तमंचा बरामद किया। तमंचे की नाल में एक खोखा फंसा था, जबकि दूसरा खोखा शव के पास पड़ा मिला। पुलिस ने पास में ही तीन कारतूस भी बरामद किए, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया।
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