फरधान। बुधवार की रात करीब तीन बजे पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र के गांव टीकरपुर के एक मकान में छापा मारकर नकली देशी शराब के पौवों की 54 पेटियां बरामद की हैं। पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस को पूछताछ में पकड़े गए युवक ने पहले से शराब मामले वांछित चल रहे रूपेश तिवारी का नाम बताया है।
प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार गौतम ने बताया कि मुखबिर की सूचना के बाद टीकरपुर में रतनलाल के मकान में छापा मारा गया। वहां एक कमरे में देशी शराब के पौवों की 54 पेटियां बरामद हुईं और 20 पौवे खाली मिले। वहां मिले रैपर पर विंडीज ब्रांड लिखा हुआ है। पौवे के ढक्कनों पर मेड इन पंजाब लिखा हुआ है, लेकिन यह शराब यहीं की बनी हुई मिलावटी शराब प्रतीत हो रही है। पूछताछ में रतनलाल ने बताया कि रामनगर कालोनी का रूपेश तिवारी कमरा किराए पर लेकर यह धंधा लगभग छह महीनेे से चल रहा था। रूपेश पेटियां में भरी शराब अपनी निजी गाड़ी से लाकर आता था। यहीं शराब के ढक्कन बदलकर उस पर विंडीज नाम का रैपर लगाकर आसपास की दुकानों पर सप्लाई करता था। ये दुकानें कौन सी हैं, इस बारे में रतनलाल से जानकारी नहीं मिल पाई है। रतनलाल को रूपेश कमरे का किराया देता था। पुलिस ने मौके से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में अन्य एक युवक का नाम उसने बताया है, उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
जिले में अवैध शराब का कारोबार बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। जबकि 25 अगस्त को फत्तेपुर गांव में अवैध शराब की 260 पेटी बरामद की जा चुकी हैं। इन पेटियों में लगभग 11852 पौवे मिले थे। तब भी विंडीज के लेबल और लाल ढक्कन बरामद हुए थे। इससे आबकारी विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत होने का शक गहराने लगा है। क्योंकि अवैध शराब का कारोबार जब भी पकड़ा जाता है, तो थाना पुलिस ही पकड़ती है। आबकारी विभाग मूक दर्शक बना हुआ है। पिछली बार भी पुलिस ने ही छापा मारकर अवैध शराब बरामद की थी, मगर आबकारी विभाग के अधिकारियों को बुला लिया था। तब इसे अपनी कार्यवाही बताकर आबकारी विभाग ने खूब वाहवाही लूटने की कोशिश की थी। आबकारी विभाग ने छह लोगों को आरोपी बनाया था। लेकिन आबकारी विभाग इसमें भी बड़ी चाल चल गया और जिसके कारखाने से माल बरामद हुआ था उसी को मुख्य आरोपी बना दिया था। इससे मुख्य आरोपी को कोर्ट से राहत मिल गई।
हम भी लगातार ऐसे अवैध कारोबार को पकड़ने में लगे रहते हैं। स्टाफ कम होने की वजह से दिक्कतें आ रही है। जो फरधान में माल पकड़ा गया है। वह अभी दो दिन पहले ही रखा गया था। फत्तेपुर वाले मामले में लखविंदर, अजय वर्मा और रीतेश तिवारी जमानत पर बाहर आ गए है। इसलिए यह धंधा फिर शुरू हो गया है। जांच की जा रही है। जल्द मुख्य आरोपी पकड़ेे जाएंगे। -पंकज विवेक, आबकारी निरीक्षक