मनरेगा योजना से भी गांवों में शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। अभी तक
स्वच्छ भारत मिशन से ही शौचालय बनवाए जा रहे थे। दो योजनाओं से शौचालय
निर्माण कराने से गांवों में तेजी से शौचालय बनाए जा सकेंगे। उपायुक्त श्रम
रोजगार पीके राय ने समस्त बीडीओ को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं।
बता
दें कि जिले में करीब साढ़े तीन लाख परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। 2012
में ग्रामीण क्षेत्रों में कराए गए बेसलाइन सर्वे में यह स्थिति सामने आई
है। 2014-15 में लक्ष्य 35 हजार के सापेक्ष 25 हजार ही रह गया। इस बार
निर्माण कार्य तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। शौचालय निर्माण की कुल लागत 12
हजार रुपये निर्र्धारित की गई है। ग्राम सभा की खुली बैठक में लाभार्थियों
का चयन कर ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी इस कार्र्य को अंजाम दे सकते हैैं।
मिलेगा रोजगार
मनरेगा
के तहत गांवों में शौचालय निर्माण होने से ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा।
गाइड लाइन के मुताबिक लाभार्थी इस योजना में बतौर श्रमिक कार्य कर सकता
है। इससे उसके खाते में मजदूरी की रकम भेजी जाएगी। मैटेरियल का भुगतान
संबंधित आपूर्तिकर्ता एजेंसी को दिया जाएगा।
उपायुक्त श्रम रोजगार पीके
राय ने बताया कि दो दिन पूर्व ही शासनादेश प्राप्त हुआ है। समस्त ब्लाकों
के बीडीओ को मनरेगा से शौचालय निर्माण के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
शीघ्र ही गांवों में शौचालय निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा।