लखीमपुर खीरी। लॉकडाउन के बाद जनपद में जॉबकार्ड धारक श्रमिकों और दूसरे राज्यों से आए प्रवासियों को रोजगार दिलाने में मनरेगा योजना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लॉकडाउन में मिली छूट से 21 अप्रैल से एक जून 2020 तक 20 लाख 58 हजार 465 मानव दिवस सृजित हुए हैं, जिससे श्रमिकों को अब तक 38.23 करोड़ रुपये मजदूरी का भुगतान किया जा चुका है।
कोरोना महामारी के चलते घोषित लॉकडाउन के बाद से जनपद में दूसरे राज्यों से 70 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक लौट चुके हैं, जिससे इन्हें रोजगार दिलाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रही थी। मनरेगा योजना से ऑपरेशन चतुर्भुज के तहत चकमार्गों के निर्माण का सिलसिला शुरू हुआ, तो श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर बड़े पैमाने पर सृजित हुए। सीडीओ अरविंद सिंह के इस प्लान से बड़े पैमाने पर श्रमिकों को रोजगार मिलने का रास्ता साफ हुआ, तो वहीं शासन-प्रशासन के लिए भी ऑपरेशन चतुर्भुज मिसाल साबित हुआ है। इसके अलावा गांवों में तालाबों के जीर्णोद्धार और खुदाई का काम कराकर श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया गया है। उपायुक्त मनरेगा राजनाथ प्रसाद भगत ने बताया कि प्रतिदिन औसतन 1,25,741 श्रमिक काम कर रहे हैं। अब तक 1,29,114 जॉबकार्ड धारक परिवारों के 1,49,896 सदस्यों को रोजगार दिया जा चुका है। दूसरे राज्यों से आए 7565 प्रवासी परिवारों के नए जॉबकार्ड बनाए गए हैं, जिसमें 9454 श्रमिक पंजीकृत हैं।