लखीमपुर खीरी। कोतवाली क्षेत्र में रविवार को दिनदहाड़े सिर पर गोली मारकर हार्डवेयर व्यापारी की हत्या कर दी गई। कुष्ठ अस्पताल परिसर में झाड़ियों के बीच खून से लथपथ उसका शव बरामद हुआ। पास में ही उसकी बाइक पड़ी थी। वहीं पास में उसका बैग पड़ा था। शव के सिर पर पीछे गोली लगने का गंभीर घाव था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गोली लगने से मौत होने की बात ही सामने आई है । परिवार वालों ने प्लाट के विवाद में हत्या होने का शक जताया है। पुलिस ने शक के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि तीसरे की तलाश की जा रही है।
शहर के मोहल्ला बहादुरनगर निवासी आनंद सक्सेना के बेटे उत्कर्ष सक्सेना (21) की शहर से सटे गांव सलेमपुर में हार्डवेयर की दुकान है। पिता आनंद सक्सेना के मुताबिक पुत्र उत्कर्ष रविवार की सुबह करीब नौ बजे घर से दुकान पर जाने के लिए निकला था। उसके साथ बाइक पर नौकर राधेश्याम भी सवार था। उत्कर्ष ने राधेश्याम को अर्जुनपुरवा के निकट पुराने होमगार्ड कार्यालय के पास उतार दिया और यश नाम के युवक से मिलकर पांच मिनट में आने की बात कहकर चला गया, लेकिन वह नहीं लौटा। राधेश्याम के मुताबिक आधे घंटे तक इंतजार करने के बाद उसने उत्कर्ष के नंबर पर कई बार कॉल की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसकी जानकारी उसने तत्काल उत्कर्ष के पिता को दी। उत्कर्ष के पिता ने बताया कि वह पुत्र की खोजबीन कर रहे थे। इसी बीच दिन में 11 बजे उन्हें खबर मिली कि बेटे की हत्या कर दी गई है। शव कुष्ठ अस्पताल परिसर में लगी झाड़ियों के बीच पड़ा है। सूचना पर जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि खून से लथपथ शव पड़ा था। पास में ही बाइक और दुकान की चाबियां और कागजात का बैग भी पड़ा था। हत्या की खबर से सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने फोर्स के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिवार वालों से भी जानकारी ली। परिवार वालों ने प्लॉट को लेकर चल रहे विवाद में हत्या होने का शक जताया है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अभी यह बात साफ नहीं हो पाई है कि हत्या किसने और क्यों की। मृतक के परिवार वालों का प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा है। घर वालों ने तीन लोगों पर शक जताया है, जिनमें दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि तीसरे युवक की तलाश की जा रही है। पुलिस प्रापर्टी विवाद के साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया पिता ने तीन लोगों को नामजद कर तहरीर दी है, जिसकी रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है। पुलिस की टीमें लगी हैं। शीघ्र ही घटना का खुलासा होगा।
‘बुढ़ापे की लाठी टूटी, अब कौन पार लगाएगा नैया’
पिता और परिवार वालों का रोरोकर बुरा हाल, इकलौता पुत्र था उत्कर्ष, परिवार का चिराग बुझा
लखीमपुर खीरी। पिता का हाथ बंटाने वाला उत्कर्ष अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसके एक बहन है। हत्यारों ने परिवार का चिराग हमेशा के लिए बुझा दिया। इससे परिवार में कोहराम मचा है। मृतक के पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बताते हैं उत्कर्ष ही बुढ़ापे का सहारा था, जिसे भी भागवान ने छीन लिया। अब बुढ़ापे में जीवन की नैया उसकी कैसे पार होगी।
बहादुरनगर निवासी उत्कर्ष सक्सेना के पिता आनंद सक्सेना ने बताया कि उत्कर्ष बुढ़ापे की लाठी था। हत्यारों ने बेटे की हत्याकर लाठी तोड़ दी है। जिस बेटे को उनकी अर्थी में कंधा लगाना था। उसी बेटे को आज वह कंधा देंगे। वह कहते हैं कि मेरे बेटे ने ऐसा क्या गुनाह कर दिया, जिसकी कीमत उसे जान गंवाकर चुकानी पड़ी।
.. तो पौने दस बजे के बाद हुई उत्कर्ष की हत्या
परिवार वालों के मुताबिक उत्कर्ष सुबह करीब नौ बजे मोहल्ले के ही राधेश्याम को साथ लेकर बाइक से निकला था। उसने करीब आधे घंटे बाद राधेश्याम को पुराने होमगार्ड कार्यालय के पास उतार दिया और यह कहकर बाइक लेकर चला गया कि मैं यश नाम के व्यक्ति से मिलने जा रहा हूं। मृतक के मित्र पूर्णेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने उत्कर्ष को 9:49 मिनट पर कॉल कर दुकान से संबंधित बातचीत की थी, जबकि 11 बजे परिवार वालों को हत्या की जानकारी हुई। इससे साफ है कि उत्कर्ष की हत्या पौने दस बजे के बाद की गई।
मोबाइल की आखिरी कॉल खोल सकती राज
पुलिस ने मृतक की जेब से मोबाइल बरामद किया है। बताते हैं कि यश नाम के युवक की उसके मोबाइल पर बार-बार कॉल आ रही थी। इससे पुलिस का शक यश पर गहरा गया है। पुलिस को उम्मीद है कि दोस्त को बाइक से उतारने के बाद वह कुष्ठ अस्पताल यश से मिलने पहुंचा होगा। पुलिस ने यश के घर पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला है। उत्कर्ष के मोबाइल पर आई कॉल पुलिस के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल खंगाल रही है।