मझगईं। बाघ की प्रजाति और उसी की तरह दिखने वाले केहेर को धान के खेत में देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने वहां से भागकर सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने वहां का मुआयना किया है। उनके मुताबिक किसी भी जानवर के पगचिह्न नहीं मिले हैं। फिलहाल ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है।
इलाके के बेला गांव निवासी वेदराम मौर्य का खेत गांव के उत्तर डिबरी के तालाब के पास है। जिसमें धान की फसल की कटाई का कार्य हो रहा है। दोपहर बाद वेदराम का भतीजा संदीप सभी मजदूरों को लेकर धान की कटान करने पहुंचा। आधे कटे धान के पास बाघ जैसा दिखने वाला केहेर बैठा दिखा। जिस देखकर वहां काम कर रहे सभी मजदूर जान बचाकर भाग खड़े हुए। इसकी सूचना मिलते ही तमाम ग्रामीण खेत पर पहुंचे। उन्हें देखकर केहेर खेत में भाग गया। सूचना वन कर्मियों को दी गई। इसके बाद वन अधिकारी व कर्मचारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। वन कर्मियों की ड्यूटी भी वहां लगा दी गई है। वन कर्मियों की मानें तो वहां पर किसी जानवर के पगचिह्न नहीं मिले हैं। फिलहाल ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है। लोग खेतों की तरफ जाने में कतरा रहे हैं। किसान वेदराम ने बताया कि बाघ बाघिन से केहेर काफी खतरनाक होता है और बाघ जैसा ही दिखता है। किसानों का कहना है कि अभी तक गांव के आसपास बाघ बाघिन के साथ उसके शावक दिखाई पड़ जाते थे, अब केहेर के दिखाई पड़ने से लोग काफी डरे हुए हैं। दरोगा जमुना प्रसाद ने बताया कि किसान की सूचना पर मौका मुआयना किया गया था लेकिन किसी जानवर के पगचिह्न नहीं मिले हैं, फिर भी बराबर गश्त की जा रही है।