लखीमपुर खीरी। पुरानी रंजिश में ग्रामीण को घर में घुसकर गोली मारने के करीब 15 साल पुराने मामले में एडीजे मनोज कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी रमेश को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी राशि पीड़ित को देने का आदेश भी दिया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मैगलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम नकारा निवासी बदलू की जमीन पर गांव के ही रमेश, बंसीलाल और चतुरी उर्फ चतुर्भुज की नजर थी। कब्जेदारी के विरोध में बदलू थाना और तहसील में शिकायत कर रहा था।
18 अगस्त, 2011 की सुबह करीब आठ बजे बदलू अपने घर में था। आरोप है कि रमेश अपने भाई बंसीलाल और चतुरी उर्फ चतुर्भुज के साथ घर पहुंचा। गाली-गलौज और मारपीट के बाद रमेश ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से बदलू के सीने में गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
काफी इलाज के बाद बदलू की जान बच सकी। सुनवाई के दौरान बदलू के बयान की पुष्टि डॉ. एसके मिश्रा, डॉ. वीके मिश्रा, चंद्र देवी, डॉ. अफरोज अहमद और राममिलन ने गवाही देकर की। शुक्रवार को अदालत ने रमेश को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये पीड़ित बदलू को देने का आदेश दिया है।