लखीमपुर खीरी। ससुराल जाने से मना करने पर नाराज होकर पत्नी और दो मासूम बच्चों की जहर देकर हत्या करने के मामले में एडीजे वीरेंद्रनाथ पांडे की अदालत ने दोषी बुधई बहेलिया को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम बिरसिंहपुर निवासी संतू बहेलिया ने अपनी पुत्री नन्ही देवी की शादी बहराइच जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के गांव पृथ्वीपुर निवासी बुधई बहेलिया से की थी। शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक चला और दंपति के दो पुत्र संदीप व कुलदीप हुए।
बाद में बुधई रोजगार के सिलसिले में पंजाब चला गया था और पत्नी व बच्चों को ससुराल में ही छोड़ गया। 25 मई, 2021 को वह पंजाब से सीधे ससुराल पहुंचा और पत्नी को साथ चलने के लिए कहा। इस पर ससुर संतू बहेलिया ने विदाई के लिए कुछ समय मांगा और बताया कि ग्राम मिलिक स्थित ससुराल में भंडारा है, बाद में विदा कर देंगे।
इससे नाराज होकर बुधई ने रात में चीनी में जहर मिलाकर शर्बत बनाया और पत्नी नन्ही देवी, तीन वर्षीय संदीप व एक वर्षीय कुलदीप को पिला दिया, जिससे तीनों की मौत हो गई।
घटना के बाद संतू बहेलिया ने आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पोस्टमार्टम में जहर से मौत की पुष्टि हुई।
अदालत में सुनवाई के दौरान संतू बहेलिया, सास शांति देवी और सलहज ज्ञानदेवी सहित चिकित्सक और विवेचक ने बयान दर्ज कराए। साक्ष्यों के आधार पर एडीजे वीरेंद्रनाथ पांडे ने सोमवार को आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए सजा सुनाई।