लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के खुले जंगल में हाल ही में छोड़े गए चारों गैंडे अब पूरी तरह स्वच्छंद होकर विचरण कर रहे हैं और आपस में सामंजस्य स्थापित कर चुके हैं। उनकी गतिविधियों के अध्ययन के बाद अब अगले चरण में दो और गैंडों को जंगल में छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में उठाए गए इस कदम के तहत पहले चरण में चार गैंडों को बाड़ से निकालकर खुले जंगल में छोड़ा गया था। शुरुआती निगरानी के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि सभी गैंडे नए वातावरण में खुद को ढाल चुके हैं और सामान्य व्यवहार कर रहे हैं। इसके बाद दुधवा प्रशासन अब अगले चरण की योजना बनाने में जुट गया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि अप्रैल के पहले सप्ताह में कोर कमेटी की बैठक आयोजित होगी, जिसमें दो और गैंडों को जंगल में छोड़ने पर विचार किया जाएगा। बैठक में पहले से छोड़े गए गैंडों के व्यवहार, मूवमेंट और अनुकूलन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।
उन्होंने बताया कि गैंडों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन के माध्यम से उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे उनकी लोकेशन, गतिविधियों और व्यवहार का सटीक आकलन हो सके। इसके साथ ही वन विभाग के प्रशिक्षित कर्मी और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के विशेषज्ञ भी निगरानी में लगे हुए हैं।