फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाघ के हमले में बाल-बाल बचा ग्रामीण

विज्ञापन
अयोध्यापुर के खेतों में बने बाघ के पगचिह्न। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
विज्ञापन
ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव अयोध्यापुर के पास खेत देखने गया एक ग्रामीण बाघ के हमले में बाल-बाल बच गया, शोर मचाने पर बाघ गन्ने के खेत में घुस गया। बाघ के गन्ने में मौजूद होने पगचिह्न मिलने की पुष्टि बाघ मित्र ने भी की है।
विज्ञापन

अयोध्यापुर गांव के दिनेश ने बताया कि वह गांव के पश्चिम में स्थित खेत देखने गया था इसी बीच गन्ने में छिपे बाघ के छलांग लगाते ही उसके होश उड़ गए। शोर मचाने पर श्याम मनोहर, महेंद्र, वीरेंद्र, लालजी आदि ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंच गए, जिन्हें देख बाघ फिर गन्ने में घुस गया, जिसके पगचिह्न खेत में बने मिले। यहां से महेशपुर जंगल की दूरी दो किलोमीटर है। गांव वालों का कहना है कि बाघ अक्सर सुंदरपुर, अयोध्यापुर गांव के आसपास देखा जा रहा है, जो दो हफ्ते पहले तीन बकरियों को मार चुका है। वनकर्मी आते हैं और गन्ने के आसपास गश्त कर चले जाते हैं। बाघ को जंगल में खदेड़ने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे है। बाघ के गन्ने के खेत में मौजूद होने, पगचिह्न मिलने की पुष्टि बाघ मित्र अनिल चौहान ने भी की है। उनका कहना है कि बाघ प्रभावित एरिया होने से वन्य जीव खेतों में विचरण करते रहते हैं। बाघ भी वहां शिकार की तलाश में घूमता रहता है, जिसकी निगरानी हो रही है। साथ ही गांव वालों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
मगरमच्छ के हमले में घायल ग्रामीण के परिजन को दी सहायता
मझगईं। मगरमच्छ के हमले में गंभीर रूप से घायल गरीब ग्रामीण की पत्नी को उसके पति के इलाज के लिए विधायक रोमी साहनी ने बीस हजार रुपये की सहायता राशि दी है। इसके अलावा गांव के ग्रामीणों ने भी दस हजार रुपये का चंदा जुटाकर घायल की पत्नी को दिया है, ताकि हमले में घायल का इलाज हो सके। बता दें कि तीन दिन पहले बृहस्पतिवार को बसंतापुर गांव निवासी परवन मगरमच्छ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया था। लेकिन गरीबी के चलते परिजन उसे लखनऊ न ले जाकर उसका इलाज लखीमपुर के एक निजी क्लीनिक पर करा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें