दुधवा नेशनल पार्क में बाघों की गणना के पहले किशनपुर सेंक्चुरी और दक्षिण खीरी वन प्रभाग के भीरा और मैलानी रेंज में बाघों की गिनती होगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। किशनपुर सेंक्चुरी में कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया गया है जबकि भीरा और मैलानी रेंजों में 11 अप्रैल से कैमरे लगाए जाएंगे। बाघ गणना में लगने वाले कर्मचारियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण देने का काम पूरा हो चुका है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंक्चुरी में 65 जोड़ी कैमरे लगाए गए हैं। यह कैमरे एक ही स्थान पर 40 दिनों तक लगे रहेंगे। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के भीरा और मैलानी के अलावा पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बराही और हरीपुर में बाघ गणना के लिए 10 अप्रैल को वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण भीरा में होगा इसके बाद 11 अप्रैल से इन चारों रेंजों में कैमरे लगाने का काम शुरू हो जाएगा। प्रति चार वर्ग किलोमीटर के एरिया में एक-एक कैमरा लगाने का मानक है।
दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक वीके सिंह ने बताया कि दक्षिण खीरी वन प्रभाग के भीरा और मैलानी रेंज में कैमरे लगाने के लिए कुल 24 प्वांइट चिह्नित किए गए हैं। इसी तरह कतर्निया घाट में कुल 75 जोड़ी कैमरे लगाए जाने हैं। किशनपुर सेंक्चुरी, कतर्निया घाट, दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी और भीरा तथा पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बराही और हरीपुर में कैमरा ट्रैपिंग के बाद दुधवा में कैमरे लगाए जाएंगे। दुधवा नेशनल पार्क में कुल 210 प्वाइंट पर कैमरे लगाने के लिए चिह्नित किए गए हैं।
हर सप्ताह डाउनलोड होंगी कैमरे से तस्वीरें
जंगल में लगने वाले कैमरों से हर सप्ताह ट्रैप हुई बाघ की तस्वीरों को डाउनलोड किया जाएगा। यह तस्वीरें विश्लेषण के लिए वन्यजीव संस्थान के लिए भेजी जाएंगी। वन्यजीव संस्थान तस्वीरों का विश्लेषण करने के बाद तय करेगा कि कैमरे में कुल कितनी तस्वीरें ट्रैप हुई हैं। उसी के अनुसार बाघों की संख्या का आंकलन होगा।
पहले चरण की गणना पूरी, मिले 35 गैंडे
दुधवा नेशनल पार्क में गैंडों की गणना का पहला चरण पूरा हो गया है। यहां कुल 35 गैंडे मिले हैं। गैंडों की गणना में 10 हाथी लगाए गए हैं। हर हाथी पर एक-एक गणना प्रभारी और तीन अन्य वनकर्मी लगाए गए हैं। गणना के दौरान गैंडों की तस्वीरें भी लग गई हैं।
उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क वीके सिंह ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या का आंकलन करने के लिए बाघों की तस्वीरों को ट्रैप करने के लिए किशनपुर सेंक्चुरी में 65 जोड़ी कैमरे लगा दिए गए हैं। गणना में कोई चूक न हो इसके लिए गणना कर्मियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया गया है।
डीएफओ साउथ खीरी नीरज कुमार ने बताया कि पिछली बाघ गणना के दौरान दक्षिण खीरी वन प्रभाग और उत्तर खीरी वन प्रभाग को शामिल नहीं किया गया था, इस बार दक्षिण खीरी वनप्रभाग और उत्तर खीरी वन प्रभाग में बाघ गणना के लिए कैमरे लगाए जा रहे हैं।