एक महीने 21 दिन लटकी रही पीड़िता को मदद देने वाली फाइल
एसिड के हमले से झुलसी किशोरी की मदद के लिए डीएम आकाशदीप के आदेश के बाद भी सीएमओ दफ्तर से रिपोर्ट लगाने में न सिर्फ देरी की गई, बल्कि पूरी फाइल एक महीने 21 दिन दबी रही। यह जानकारी डीएम को हुई तो उन्होंने पहले सीएमओ डॉ जावेद अहमद को बुलाकर जवाब मांगा। सीएमओ सही जवाब नहीं दे पाए तो डीएम ने लिपिक और डॉक्टर समेत पूरे ऑफिस को ही तलब कर लिया।
कसबा मोहम्मदी के एक मोहल्ला निवासी 16 वर्षीय किशोरी के पीछे मोहल्ले का ही एक सिरफिरा युवक पड़ा था। वह कई बार किशोरी को छेड़ चुका था। परिवार वालों के हस्तक्षेप के बाद भी उसकी हरकतें जारी रहीं। 19 अक्तूबर को आरोपी उसके घर में दीवार फांदकर घुस गया और उसके ऊपर तेजाब उड़ेल दिया था। तेजाब के हमले से किशोरी की पीठ, चेहरे का एक हिस्सा और गला झुलस गया था। पीड़िता बेहद गरीब है और इलाज कराने में भी सक्षम नहीं है। यह जानकारी डीएम को हुई तो उन्होंने राज्य आरोग्य निधि (मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष) से आर्थिक मदद करने के आदेश दिए। इस पर पीड़िता के पिता से आवेदन पत्र लिया गया, लेकिन सीएमओ ऑफिस ने रिपोर्ट लगाने में एक महीने 21 दिन लगा दिए। गुरुवार को पीड़िता की मदद को आगे आए युवकों ने कलक्ट्रेट कार्यालय में डीएम को सीएमओ दफ्तर से आख्या लगाने में की जा रही हीलाहवाली से अवगत कराया। डीएम ने सीएमओ को तलब किया। डीएम के सामने आए सीएमओ ने फाइल कंपलीट होने की बात कही, किंतु मामले की तह तक जाने पर डीएम के सामने एक लिपिक और सर्जन की लापरवाही सामने आ गई, जिस पर डीएम ने संबंधित पूरे स्टाफ को तलब कर लिया। इतना ही नहीं डीएम ने चेतावनी दी कि पीड़िता को 24 घंटे में आर्थिक मदद न मिली तो सभी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। फिलहाल डीएम के सख्त तेवर से सीएमओ दफ्तर में हड़कंप मचा है।
--
पीड़िता को मदद देने के लिए औपचारिकताएं पूरी करने में सीएमओ स्तर से देरी हुई है, जिसके लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जानकारी होते ही जरूरी आख्या लगवाकर आर्थिक मदद के तौर पर चेक बनाने का आदेश दे दिया गया है। शुक्रवार तक पीड़िता को चेक मिल जाएगा।
-आकाशदीप, डीएम